होमबड़ी ख़बरेंविडियो
logo


Rajya SabhaNMDC STEEL LIMITED**CG Health Dept: 500+ Job Openings**Chaitra Chhath:Chaitra ChhathSandhya Arghya

Waqf Bill : : लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित, राज्यसभा में आज होगी चर्चा

Featured Image

"Waqf Bill Passed in Lok Sabha"नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार देर रात वक्फ संशोधन विधेयक-2024 बहुमत से पारित हो गया। लगभग 12 घंटे लंबी चर्चा और 1.50 घंटे तक चली वोटिंग के बाद यह विधेयक पारित हुआ। इसमें 520 सांसदों ने भाग लिया, जिसमें से 288 ने पक्ष में और 232 ने विरोध में मतदान किया। अब यह विधेयक आज गुरुवार (3 अप्रैल 2025) को राज्यसभा में पेश किया जाएगा।विधेयक का उद्देश्य और सरकार की दलीलेंअल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक को "यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट (UMMEED)" नाम दिया है। उन्होंने कहा कि 2014 में यूपीए सरकार ने 123 प्राइम लोकेशन की संपत्तियां दिल्ली वक्फ बोर्ड को सौंप दी थीं, जो कि एक राजनीतिक निर्णय था। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता लाना है। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 8.72 लाख वक्फ संपत्तियां हैं, जिनका उचित प्रबंधन कर देश की तस्वीर बदली जा सकती है।विधेयक के मुख्य प्रावधान:वक्फ बोर्ड के ट्रिब्यूनल में अब तीन सदस्य होंगे, जिससे विवादों का तेजी से निपटारा होगा।वक्फ संपत्ति का सर्वेक्षण और प्रबंधन कलेक्टर से ऊपर के अधिकारी देखेंगे।वक्फ संपत्ति आदिवासी इलाकों में नहीं बनाई जा सकेगी।संपत्तियों की जानकारी डिजिटली सेंट्रलाइज होगी और इसका ऑडिट व ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा।विपक्ष का विरोध और आरोपविपक्षी दलों ने इस विधेयक को लेकर तीखी आलोचना की। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि "भाजपा समाज को बांटने के लिए यह विधेयक ला रही है। यह मुसलमानों को भड़काकर ध्रुवीकरण करने की कोशिश है।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महाकुंभ में मारे गए लोगों की चिंता नहीं कर रही है, लेकिन वक्फ संशोधन विधेयक लाकर मुसलमानों की जमीनों की सुरक्षा की बात कर रही है।कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि "इस कानून से राज्य सरकारों की शक्तियां कमजोर होंगी। पहले वक्फ बोर्ड खुद सर्वे कर सकता था, लेकिन अब इसे हटाया जा रहा है।" उन्होंने मांग की कि वक्फ रेवेन्यू को 11% तक बढ़ाया जाए, जिससे वक्फ संपत्तियों का उचित विकास हो सके।गृह मंत्री अमित शाह का जवाबगृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि "इस विधेयक का उद्देश्य किसी धर्म में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि वक्फ संपत्तियों का सही प्रबंधन करना है।" उन्होंने कहा कि "यह विधेयक किसी भी गैर-मुस्लिम को वक्फ बोर्ड में शामिल करने की अनुमति नहीं देता। विपक्ष अफवाहें फैला रहा है।"समर्थन और विरोध की मिश्रित प्रतिक्रियाइस विधेयक के समर्थन और विरोध में विभिन्न दलों और संगठनों से प्रतिक्रियाएं आईं:AAP और TDP ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया, जिससे वे संसद में मौजूद रहें।JDU ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि CPI और PDP ने इसका विरोध किया।ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल और अजमेर दरगाह प्रमुख ने इस विधेयक का स्वागत किया और कहा कि यह वक्फ संपत्तियों की लूट को रोकने में मदद करेगा।भोपाल में मुस्लिम महिलाओं ने इस विधेयक के समर्थन में रैली निकाली और कहा कि "मोदी सरकार मुस्लिम समाज के कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही है।"विपक्ष के संशोधन प्रस्ताव खारिजविपक्षी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने विधेयक में गैर-मुस्लिम सदस्यों को वक्फ बोर्ड में शामिल न करने का संशोधन प्रस्ताव रखा था, जिसे 231 के मुकाबले 288 वोटों से खारिज कर दिया गया।क्या है वक्फ और वक्फ अधिनियम, 1995?वक्फ संपत्तियां मुस्लिम समुदाय द्वारा धार्मिक और धर्मार्थ कार्यों के लिए दान की गई भूमि और अन्य परिसंपत्तियां होती हैं। इन्हें वक्फ बोर्ड द्वारा प्रबंधित किया जाता है। वक्फ संपत्तियों को स्थायी रूप से बेचा या लीज पर नहीं दिया जा सकता। वक्फ अधिनियम, 1995 के तहत इन्हें कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है।अब क्या होगा?विधेयक को आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा। यदि वहां से भी यह पारित हो जाता है, तो इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद यह कानून बन जाएगा। वक्फ संशोधन विधेयक-2024 को लेकर देशभर में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। सरकार इसे वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता के लिए जरूरी बता रही है, जबकि विपक्ष इसे ध्रुवीकरण और अल्पसंख्यक अधिकारों पर हमला मान रहा है। अब सबकी नजरें राज्यसभा की कार्यवाही पर टिकी हैं, जहां इस पर अंतिम निर्णय होगा।

Advertisment

ads

जरूर पढ़ें