रायपुर, 06 जुलाई 2026 | बारिश का मौसम शुरू होते ही बिजली करंट से होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष एडवाइजरी जारी की है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों, एचटी लाइनों और टूटे हुए तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इनमें करंट फैलने की पूरी संभावना रहती है।
कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि आंधी-तूफान या बारिश के दौरान यदि कोई विद्युत उपकरण क्षतिग्रस्त दिखे, तो उससे छेड़छाड़ न करें। ऐसी किसी भी स्थिति की सूचना तत्काल टोल-फ्री नंबर 1912, मोर बिजली ऐप या निकटतम वितरण केंद्र पर दी जानी चाहिए। साथ ही, विद्युत उपकरणों का उपयोग करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, जैसे कि हमेशा सूखे हाथ-पैर रखना और रबर या प्लास्टिक के जूते-चप्पल का उपयोग करना। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि खेतों की बाड़ या कंटीले तारों में बिजली प्रवाहित करना न केवल अवैध है, बल्कि यह जानलेवा भी हो सकता है।
बिजली की लाइनों के नीचे या उनके करीब किसी भी तरह का निर्माण कार्य न करने और कपड़े सुखाने के लिए बिजली के खंभों का उपयोग न करने की हिदायत दी गई है। यदि कभी कोई व्यक्ति करंट की चपेट में आ जाए, तो सबसे पहले मुख्य स्विच बंद कर विद्युत प्रवाह को रोकना चाहिए। पीड़ित को बिजली के स्रोत से अलग करने के लिए सीधे हाथ लगाने के बजाय सूखी लकड़ी, रस्सी या सूखे कपड़े का उपयोग करना चाहिए और तत्काल उसे प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाना चाहिए।
बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री ए.के. अंबस्थ ने बताया कि खराब मौसम में बिजली कर्मियों के लिए विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त रखना चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर घबराने के बजाय कुछ देर प्रतीक्षा करें और 1912 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि थोड़ी-सी सावधानी और विभाग के निर्देशों का पालन करके ही जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

