**रायपुर, 06 जुलाई 2026** | छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता और राज्य सरकार की समयबद्ध तैयारियों ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है। जून और जुलाई की शुरुआत में वर्षा की कमी से चिंतित अन्नदाताओं के लिए अब झमाझम बारिश वरदान साबित हो रही है, जिससे खरीफ फसलों की बुआई और धान की रोपाई ने जोर पकड़ लिया है।
किसानों के मन में जगी नई उम्मीद
मानसून की दस्तक के साथ ही प्रदेश के गांवों में खेती-किसानी की चहल-पहल लौट आई है। सूने पड़े खेत अब पानी से लबालब हैं और किसान पूरी ऊर्जा के साथ धान की रोपाई में जुट गए हैं। वर्षा की बूंदों ने न केवल धरती की प्यास बुझाई है, बल्कि किसानों के आत्मविश्वास को भी नई मजबूती दी है।

सरकार की मुस्तैदी से खेती को मिला आधार
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन ने खरीफ सीजन के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। कृषि विभाग ने मानसून पूर्व ही बीज और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की थी, जिसका लाभ अब सीधे किसानों को मिल रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को बिना किसी भाग-दौड़ या लंबी कतारों के खाद-बीज मिल रहे हैं। रियायती दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक मिलने से छोटे और मध्यम किसानों की खेती की लागत में कमी आई है।
करतला समिति बनी मिसाल
कोरबा जिले के करतला स्थित आदिवासी सेवा सहकारी समिति में व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हैं। ग्राम कछार के किसान श्री घनश्याम राठिया ने बताया कि उन्हें समिति से खाद प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, “समय पर खाद-बीज मिलने और अच्छी बारिश के कारण इस बार खेती की शुरुआत बेहद शानदार रही है। हमें इस वर्ष अच्छी पैदावार की पूरी उम्मीद है।”
समृद्धि की ओर बढ़ते कदम
प्रकृति की अनुकंपा और शासन की दूरदर्शी व्यवस्था के समन्वय ने राज्य में कृषि गतिविधियों को नई गति प्रदान की है। समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता और अनुकूल मौसम के चलते किसान इस खरीफ सीजन में आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।

