बेमेतरा। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) और सेवा सुरक्षा के मुद्दे ने बेमेतरा में शिक्षक समुदाय को एकजुट कर दिया है। अब प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के शिक्षक अपनी नौकरी, वरिष्ठता और भविष्य की सुरक्षा के लिए एक मंच पर खड़े होकर आवाज बुलंद कर रहे हैं।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्षों से शासकीय विद्यालयों में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दे रहे शिक्षकों के सामने वर्तमान परिस्थितियों में सेवा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हुई है। ऐसे में शिक्षकों को राहत देने के बजाय यदि उनकी सेवा पर संकट खड़ा होता है, तो इसे किसी भी स्थिति में न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।
“शिक्षक को परीक्षा के नाम पर असुरक्षा नहीं, सेवा की सुरक्षा चाहिए”—इस संदेश के साथ शिक्षक संगठनों ने आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है।
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना, वरिष्ठता का सम्मान करना, पदोन्नति प्रक्रिया में व्यावहारिक अवसर देना तथा सेवारत शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर उपलब्ध कराना शामिल है। संगठनों का कहना है कि जो शिक्षक लंबे समय से बच्चों को पढ़ा रहे हैं, उनकी सेवाओं और अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
17 अगस्त को बेमेतरा में शक्ति प्रदर्शन
सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर शिक्षक संगठनों द्वारा 17 अगस्त 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बेमेतरा का घेराव किया जा रहा है। आंदोलन में प्राथमिक और माध्यमिक दोनों स्तर के शिक्षकों की भागीदारी देखी जा रही है।
शिक्षक नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह लड़ाई किसी एक संगठन, किसी एक संवर्ग या किसी एक वर्ग की नहीं है। यह उन तमाम शिक्षकों की लड़ाई है, जिन्होंने वर्षों तक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अपना योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि जब शिक्षक एक साथ खड़े होंगे, तभी उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचेगी। इसलिए अब “अलग-अलग नहीं, एक साथ—सेवा सुरक्षा के लिए एक साथ” के नारे के साथ आंदोलन को व्यापक रूप देने की तैयारी है।
शिक्षक संगठनों ने शासन से मांग की है कि सेवारत शिक्षकों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मानवीय, व्यावहारिक और न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाए तथा किसी भी शिक्षक की वर्षों की सेवा और भविष्य को अनिश्चितता में न छोड़ा जाए।























