1 सितंबर 2026 से बदल गए ये 5
नई दिल्ली: सितंबर 2026 की शुरुआत के साथ ही देश में आम आदमी के जीवन और वित्तीय मामलों से जुड़े कई अहम नियम बदल गए हैं। रसोई गैस, डेयरी उत्पाद, जीएसटी, डीमैट अकाउंट से लेकर अंतरराष्ट्रीय यात्रा तक, ये बदलाव आपकी जेब और दिनचर्या को सीधा प्रभावित करने वाले हैं। आइए जानते हैं इन 5 बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से:
एलपीजी ई-केवाईसी और सब्सिडी का पेंच
गैस सिलिंडर उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त थी, जो अब 1 सितंबर से प्रभावी हो गई है।
- जिन उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें रसोई गैस की बुकिंग, सब्सिडी मिलने या सिलेंडर की डिलीवरी में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इससे आपका गैस कनेक्शन नहीं कटेगा।
- कमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़े: दिल्ली से पटना तक 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम में 9.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, हालांकि घरेलू सिलिंडर के दामों में कोई इजाफा नहीं हुआ है।
मुंबई में महंगा हुआ दूध
मुंबई में आज यानी 1 सितंबर से डेयरी फार्म से सप्लाई होने वाले भैंस के ताजा दूध की थोक कीमत 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन द्वारा की गई यह 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी 28 फरवरी 2027 तक जारी रहेगी। चूंकि यह बढ़ोतरी थोक कीमत में हुई है, इसलिए हर ग्राहक के लिए खुदरा कीमत स्थानीय सप्लायर और दुकानदार के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा अब और आसान
भारत से विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत दी गई है।
- नया नियम: अब इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर फिजिकल स्टैंप लगवाने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।
- सुविधा: यात्री अब अपने स्मार्टफोन में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास (या प्रिंटेड पास) दिखाकर आसानी से इमिग्रेशन करा सकेंगे, जिससे हवाई अड्डों पर लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी और समय बचेगा।
आईटीआर लेट फाइलिंग और डेडलाइन के नियम
जिन टैक्सपेयर्स की आय बिजनेस या प्रोफेशन से है और जिनके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है, उनके लिए असेसमेंट ईयर 2026-27 का आईटीआर (मुख्य रूप से ITR-3 और ITR-4) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 थी।
- वित्तीय झटका: यदि इस तय समय तक रिटर्न दाखिल नहीं किया गया है, तो अब बिलेटेड (देरी से) ITR दाखिल करना होगा, जिसके साथ लेट फाइलिंग से जुड़े नियम और भारी शुल्क लागू हो सकते हैं।
5. अन्य जरूरी वित्तीय और डिजिटल बदलाव
- जीएसटी और बैंक खाता: टैक्स चोरी रोकने के लिए जीएसटी पोर्टल पर बैंक खाता लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। नए व्यापारियों को 30 दिनों के भीतर खाता अपडेट करना होगा, अन्यथा जीएसटी पंजीकरण निलंबित हो सकता है।
- डीमैट और म्यूचुअल फंड: सभी नए सिंगल-होल्डर खातों में नॉमिनी जोड़ना या ‘ऑप्ट-आउट’ करना अनिवार्य कर दिया गया है।
- एक्सिस बैंक डेबिट कार्ड: डीसीसी (डिफरेंट करेंसी कन्वर्जन) लेनदेन पर 3.5% मार्कअप फीस वसूली जाएगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय साइटों पर खरीदारी महंगी होगी।























