कमर्शियल LPG सिलिंडर के दाम बढ़े: होटल-रेस्तरां में खाना हो सकता है महंगा, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
**नई दिल्ली:** जून महीने की शुरुआत के साथ ही आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी और फाइनेंशियल प्लानिंग से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इन नए नियमों का सीधा असर आपकी जेब, डिजिटल पेमेंट, कार खरीदने की योजना और घर के बजट पर पड़ने वाला है।
अनोखी ‘ढुकू’ परंपराः गरीबी के कारण ‘लिव इन रिलेशनशिप’; जहाँ शादी के बिना बीत जाती है जिंदगी
यूपीआई ट्रांजैक्शन अब और सुरक्षित, दिखेगा असली नाम
डिजिटल पेमेंट करने वालों के लिए एक बड़ा और राहत भरा बदलाव हुआ है। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए नया नियम लागू किया है। अब 1 जून से आप यूपीआई (UPI) के जरिए किसी को भी पैसे ट्रांसफर करेंगे, तो स्क्रीन पर उसका वही असली नाम दिखाई देगा जो उसके बैंक खाते में रजिस्टर्ड है। इससे गलत खाते में पैसे जाने और धोखाधड़ी की गुंजाइश काफी कम हो जाएगी।
शिक्षा विभाग में ‘अटैचमेन्ट : डीपीआई ने 4 जिलों के DEO को कारण बताओ नोटिस
कमर्शियल LPG सिलिंडर महंगा, बाहर खाना पड़ेगा भारी
तेल विपणन कंपनियों ने 1 जून से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। दिल्ली में यह सिलिंडर 42 रुपये महंगा होकर 3,113.50 रुपये और कोलकाता में 53.50 रुपये बढ़कर 3,255.50 रुपये का हो गया है। इसके साथ ही 5 किलो वाला फ्री ट्रेड सिलिंडर भी 11 रुपये महंगा हुआ है। कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने से होटल, रेस्तरां और ढाबों का खर्च बढ़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में बाहर का खाना और चाय-नाश्ता महंगा हो सकता है। हालांकि, घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) के दाम स्थिर रखकर आम परिवारों को राहत दी गई है।
### मारुति और हुंडई की कारें खरीदना हुआ महंगा
अगर आप इस महीने नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। देश की दो बड़ी कार कंपनियों, मारुति सुजुकी और हुंडई मोटर इंडिया ने 1 जून से अपनी गाड़ियों के दाम बढ़ा दिए हैं। बढ़ती इनपुट लागत और महंगाई का हवाला देते हुए मारुति सुजुकी ने अपने सभी मॉडल्स की कीमतें 30,000 रुपये तक बढ़ा दी हैं। वहीं, हुंडई ने भी कच्चे माल और ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ने की वजह से अपने पूरे पोर्टफोलियो की कीमतों में 12,800 रुपये तक की बढ़ोतरी का एलान किया है।
सोलर पैनल लगाने के नियम हुए सख्त
देश में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के बीच सरकार ने 1 जून 2026 से सोलर पैनल लगाने के नियमों को कड़ा कर दिया है। नए नियम के मुताबिक, अब सरकारी योजनाओं, सब्सिडी वाले सोलर प्रोजेक्ट्स और नेट-मीटरिंग सिस्टम में केवल उन्हीं सोलर पैनल और सेल का इस्तेमाल किया जा सकेगा, जो सरकार की स्वीकृत सूची (ALMM) में शामिल हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि 1 जून के बाद सरकारी योजनाओं के तहत सिर्फ अप्रूव्ड कंपनियों के ही सोलर प्रोडक्ट लगाए जा सकेंगे।
जुलाई से महंगी हो सकती है बिजली: टैरिफ में 24% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, जून में होगी नई दरों की घोषणा
एडवांस टैक्स की पहली किस्त के लिए 15 जून है आखिरी तारीख
टैक्सपेयर्स के लिए भी यह महीना बेहद महत्वपूर्ण है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की आखिरी तारीख 15 जून तय की गई है। जिन नौकरीपेशा या व्यवसायियों की अनुमानित टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से अधिक है, उन्हें इस तारीख तक अपने कुल एडवांस टैक्स का 15 प्रतिशत हिस्सा हर हाल में जमा करना होगा। ऐसा न करने पर टैक्सपेयर्स को नियम के अनुसार ब्याज देना पड़ सकता है।

