**रायपुर।** छत्तीसगढ़ में एक तरफ सरकार ‘VB-G RAM G’ योजना के भव्य शुभारंभ की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस योजना की नींव कहे जाने वाले मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) कर्मचारी सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। राज्य के लगभग 12,000 मनरेगा कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 2 जुलाई से प्रदेशव्यापी आंदोलन का आगाज करेंगे।
क्या है मामला?
कर्मचारियों का कहना है कि मनरेगा योजना पिछले 20 वर्षों से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास की रीढ़ बनी हुई है। इन कर्मचारियों के अथक परिश्रम से ही राज्य ने 12 से अधिक राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए हैं। विडंबना यह है कि योजना को सफलता की ऊंचाइयों पर ले जाने वाले ये कर्मचारी आज स्वयं अपने अस्तित्व और भविष्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगें:
आंदोलन कर रहे कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है:
1. **नियमितीकरण:** समस्त मनरेगा/VB-G RAM G कर्मियों को स्थायी सेवा प्रदान की जाए।
2. **सेवा सुरक्षा:** नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक ‘मानव संसाधन नीति’ के तहत सभी कर्मियों को सेवा और सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए।
3. **ग्रेड-पे निर्धारण:** ग्राम रोजगार सहायकों को मानदेय के स्थान पर संविदा पर लेते हुए उनका ग्रेड-पे निर्धारित किया जाए।
आंदोलन की रूपरेखा
कर्मचारी संघ ने अपने विरोध को चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शित करने का निर्णय लिया है:
2 जुलाई: जनपद स्तर पर धरना, रैली और ज्ञापन।
3 जुलाई: जिला स्तर पर धरना, रैली और ज्ञापन।
4 जुलाई: प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए तीखे सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है, “क्या सरकार केवल योजनाओं के फीते काटने और उद्घाटन तक सीमित रहेगी? जिन कर्मचारियों के दम पर ग्रामीण विकास के सपने सच होते हैं, उनके भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा?”
कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासनों की जरूरत नहीं है, बल्कि नियमितीकरण और सम्मानजनक नौकरी की सुरक्षा चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि बिना प्रेरित और सुरक्षित कार्यबल के, विकास की किसी भी योजना का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं है।
इस आंदोलन के चलते आगामी दिनों में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास कार्यों और मनरेगा के तहत संचालित कार्यों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

