रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने यूडीआईएसई+ (UDISE+) 2025-26 की राष्ट्रीय रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में देशभर में शिक्षकों की संख्या बढ़ने, ड्रॉपआउट दर घटने, ट्रांजिशन रेट में सुधार और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार की तस्वीर सामने आई है।
अब छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा सवाल यह है कि 33 जिलों में शिक्षा के मामले में कौन सबसे आगे और कौन सबसे पीछे है?
राज्य का जिला-वार UDISE+ डेटा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। इसलिए किसी जिले की आधिकारिक रैंकिंग जारी नहीं की जा सकती। हालांकि शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रैंकिंग पांच प्रमुख मानकों पर तय होगी—
- ड्रॉपआउट दर
- ट्रांजिशन रेट
- छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR)
- डिजिटल सुविधाएं (कंप्यूटर और इंटरनेट)
- विद्यालयों का बुनियादी ढांचा
राष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 1.8 प्रतिशत और माध्यमिक स्तर पर 7 प्रतिशत तक घट गई है। वहीं मध्य से माध्यमिक स्तर का ट्रांजिशन रेट बढ़कर 88.3 प्रतिशत हो गया है।
किन जिलों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर?
रायपुर
राजधानी होने के कारण यहां डिजिटल शिक्षा, निजी विद्यालयों और शहरी संसाधनों का प्रभाव अधिक है। उम्मीद रहेगी कि यह जिला डिजिटल सुविधाओं और छात्र-शिक्षक अनुपात में बेहतर प्रदर्शन करे।
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दुर्ग
भिलाई-दुर्ग शिक्षा का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की संख्या अधिक है। ट्रांजिशन रेट और बोर्ड परीक्षा परिणामों पर विशेष नजर रहेगी।
बिलासपुर
उच्च शिक्षा और सरकारी विद्यालयों के नेटवर्क के कारण यह जिला भी संभावित रूप से बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल हो सकता है।
रायगढ़ और कोरबा
औद्योगिक जिलों में शहरी और ग्रामीण शिक्षा के बीच अंतर देखने को मिल सकता है। डिजिटल सुविधाओं और नामांकन दर पर विशेष ध्यान रहेगा।
UDISE+ 2025-26: छत्तीसगढ़ के स्कूलों के लिए क्या संकेत देती है नई रिपोर्ट? शिक्षक बढ़े, ड्रॉपआउट घटा, लेकिन क्या आदिवासी जिलों तक पहुंचा बदलाव?
जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर
इन आदिवासी बहुल जिलों में वास्तविक चुनौती ड्रॉपआउट कम करना, माध्यमिक स्तर तक बच्चों को बनाए रखना और शिक्षक उपलब्धता सुनिश्चित करना होगी।
बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर
इन जिलों में भौगोलिक परिस्थितियां, सुरक्षा संबंधी चुनौतियां और दूरस्थ बस्तियां शिक्षा पर सीधा प्रभाव डालती हैं। यहां रैंकिंग का सबसे महत्वपूर्ण आधार होगा—क्या बच्चे कक्षा 8 और 10 के बाद भी पढ़ाई जारी रख पा रहे हैं।
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किन आधारों पर बन सकती है जिला रैंकिंग?
- सबसे कम ड्रॉपआउट दर
- सबसे अधिक ट्रांजिशन रेट
- सबसे बेहतर छात्र-शिक्षक अनुपात
- सबसे अधिक कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा वाले विद्यालय
- बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता
- एकल शिक्षक विद्यालयों की सबसे कम संख्या
- दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं
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छत्तीसगढ़ के जिला-वार UDISE+ आंकड़े सार्वजनिक होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि राज्य के 33 जिलों में शिक्षा के मामले में कौन अग्रणी है और किन जिलों को अतिरिक्त सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता है। तभी आधिकारिक रैंकिंग तैयार की जा सकेगी।तब यह भी पता चलेगा कि राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज सुधार का लाभ राज्य के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों तक कितना पहुंचा है।

