अयोध्या:
भगवान श्री रामलला के भव्य गर्भगृह में विराजमान होने के बाद अयोध्या का वार्षिक दीपोत्सव इस बार और भी अलौकिक, भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप लेने जा रहा है। वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक भव्यता का प्रतीक बन चुके इस आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और स्थानीय जिला प्रशासन ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है। राम की पैड़ी सहित सरयू तट के 56 घाटों पर दीयों की सजावट, सुरक्षा, क्राउड मैनेजमेंट और सांस्कृतिक आयोजनों की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है।
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56 घाटों पर 30 लाख दीये, 28 लाख का नया विश्व रिकॉर्ड लक्ष्य
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष दीपोत्सव का दायरा बढ़ाते हुए सरयू नदी के कुल 56 घाटों को शामिल किया गया है।
इन घाटों पर करीब 30 लाख दीये बिछाए जाएंगे, ताकि कम से कम 28 लाख दीये निर्धारित समय तक एक साथ प्रज्वलित रहें और नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित हो सके।गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की आधिकारिक टीम ड्रोन कैमरों और क्यूआर-आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए प्रज्वलित दीयों की सटीक गणना करेगी।
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अवध विश्वविद्यालय के 35 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे कमान
इस महा-आयोजन को सफल बनाने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय और अयोध्या के संबद्ध महाविद्यालयों के 35 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं बतौर स्वयंसेवक (वॉलंटियर्स) मोर्चा संभालेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी घाटों पर शिक्षकों को नोडल अधिकारी और सीनियर छात्रों को ब्लॉक लीडर नियुक्त किया है।स्वयंसेवकों को दीयों को तय ग्रिड पैटर्न में बिछाने, सही मात्रा में तेल डालने और बाती लगाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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शोभायात्रा, 3D लेजर शो और ग्रीन आतिशबाजी
दीपोत्सव के मुख्य दिन साकेत महाविद्यालय से एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के लोक नर्तक और अंतरराष्ट्रीय रामलीला मंडलियों के कलाकार शामिल होंगे। रामचरितमानस के प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां नगर भ्रमण करेंगी।
शाम के समय सरयू तट पर अत्याधुनिक 3D होलोग्राफिक लेजर शो, विशाल ड्रोन डिस्प्ले और पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन आतिशबाजी का आयोजन होगा, जो श्रद्धालुओं को त्रेतायुग के आगमन का सजीव अहसास कराएगा।
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AI कैमरे और जल पुलिस: सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह
लाखों श्रद्धालुओं और देश-विदेश से आने वाले विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा के लिए अयोध्या पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने संयुक्त सुरक्षा चक्रव्यूह तैयार किया है। राम की पैड़ी और घाटों को अलग-अलग सुरक्षा सेक्टरों में बांटा गया है। सरयू नदी में एनडीआरएफ (NDRF) और जल पुलिस की नावें लगातार गश्त करेंगी। इसके अतिरिक्त, पूरे मेला क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों से भीड़ नियंत्रण व संदिग्ध गतिविधियों पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जाएगी।


