**जशपुरनगर, 24 जून 2026:** जशपुर जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और डिजिटल कार्यों में लापरवाही बरतना अधिकारियों को महंगा पड़ गया है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के कड़े निर्देश पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के 39 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों पर एग्रीस्टेक, फार्मर आईडी बनाने और विभागीय कार्यों में धीमी प्रगति का आरोप है।
यह कार्रवाई 22 जून 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक के बाद की गई है। कलेक्टर श्री व्यास ने विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा की थी, जिसमें एग्रीस्टेक, फार्मर आईडी निर्माण और लंबित खसरों के अद्यतिकरण की गति अत्यंत धीमी पाई गई। संतोषजनक प्रगति न मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए सुधार के सख्त निर्देश दिए थे।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
उप संचालक कृषि द्वारा जारी नोटिस में संबंधित अधिकारियों को **एक सप्ताह के भीतर** कार्य पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर प्रगति नहीं होती है, तो उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें निलंबन और विभागीय जांच तक की प्रक्रिया शामिल हो सकती है।
“किसानों के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने स्पष्ट किया है कि किसानों से जुड़ी योजनाएं शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा: “एग्रीस्टेक एवं फार्मर आईडी किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने का माध्यम हैं। इनमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करें।”
प्रशासन के इस सख्त रुख से कृषि महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और विभागीय कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

