छत्तीसगढ़ में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी भर्तियों के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी ‘कर्मचारी चयन मंडल नियम, 2026’ के तहत अब पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है, जिससे अभ्यर्थियों के लिए नियम पहले से ज्यादा सख्त हो जाएंगे।
अंतिम चयन में नहीं बनेगी वेटिंग या रिजर्व लिस्ट
नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब अंतिम चयन के बाद कोई भी प्रतीक्षा (Waiting) या रिजर्व सूची जारी नहीं की जाएगी। अंतिम चयन सूची में केवल उतने ही अभ्यर्थियों के नाम होंगे, जितनी सीटें विज्ञापित की गई हैं। इसके अलावा, अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर आधार प्रमाणीकरण के साथ प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा।
पद प्राथमिकता में बदलाव नहीं और वार्षिक परीक्षा कैलेंडर
आवेदन भरते समय अभ्यर्थियों को पद, विभाग और नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी की प्राथमिकता तय करनी होगी। एक बार प्राथमिकता दर्ज करने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा और चयन उसी प्राथमिकता क्रम के आधार पर होगा। साथ ही, चयन मंडल हर साल अगस्त महीने में आगामी भर्तियों और पात्रता परीक्षाओं का संभावित कैलेंडर जारी करेगा।
कौशल व शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए 15 गुना का नियम
जिन पदों के लिए कौशल या शारीरिक दक्षता परीक्षा अनिवार्य है, उनमें लिखित परीक्षा के आधार पर रिक्तियों के 15 गुना अभ्यर्थियों को अगले चरण में शामिल किया जाएगा। द्वितीय चरण की यह परीक्षा केवल अर्हकारी (Qualifying) होगी, जिसे संबंधित विभाग को 3 महीने के भीतर पूरा करना होगा। इसमें अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों की दावेदारी तुरंत निरस्त कर दी जाएगी।
दस्तावेज सत्यापन और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया
अंतिम चयन सूची जारी होने के 15 दिनों के भीतर अभ्यर्थियों को अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। इसके बाद विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा। दस्तावेजों में गड़बड़ी होने पर अभ्यर्थी 7 दिनों में दावा-आपत्ति कर सकेंगे, जिसका निराकरण 15 दिनों में होगा। पूरी दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति प्रक्रिया को 1 महीने के भीतर निपटाना अनिवार्य होगा।
नियुक्ति और कार्यभार ग्रहण करने के कड़े नियम
नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद अभ्यर्थी को 30 दिनों के भीतर मूल दस्तावेजों के साथ कार्यभार ग्रहण करना होगा। निर्धारित समय सीमा में उपस्थित न होने पर पद को स्वतः रिक्त मान लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई अभ्यर्थी पद के मापदंडों को पूरा नहीं करता है, तो उसे किसी अन्य पद पर ट्रांसफर नहीं किया जाएगा और उसकी अभ्यर्थिता पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी।

