मनोरा
विकासखंड मनोरा के विभिन्न विद्यालयों में शनिवार को ‘बस्तामुक्त शनिवार’ (Bagless Saturday) कार्यक्रम बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने जहाँ एक ओर लोकतंत्र के महत्व को समझते हुए ‘बाल संसद’ का गठन किया, वहीं दूसरी ओर जिले से प्राप्त निर्देशानुसार देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों के प्रति अपनी कृतज्ञता भी व्यक्त की।
बाल संसद चुनाव के लिए बनाई गई थी विशेष कार्ययोजना
विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पटेल, विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक आशुतोष शर्मा एवं सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम के कुशल मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु बाल संसद चुनाव की एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई थी। इस कार्ययोजना को अंतिम रूप देने में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सदस्यों का भी विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
तय कार्ययोजना के तहत विकासखंड मनोरा के अंतर्गत आने वाले आमगांव, कलारू, लुखी, खरसोता, डूमरटोली, सोगड़ा, गजमा, सरडीह, मनोरा, आस्ता, बहेरना, सोनक्यारी, टैम्पु, शैला, अलोरी,गेड़ई एवं अन्य संकुल के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इसके तहत विद्यार्थियों के बीच से बाल-प्रधानमंत्री के साथ-साथ अन्य विभागीय मंत्रियों का भी चयन किया गया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायी पहलू सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करना रहा। माध्यमिक शाला मनोरा, सोगड़ा, डूमरटोली, खरसोता कंडोरा प्राथमिक शाला मनोरा बरटोली सेजेश मनोरा सरस्वती शिशु मंदिर मनोरा सहित अन्य प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं की छात्राओं ने सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों के लिए:
स्वहस्तनिर्मित रक्षासूत्र (राखी),
सैनिकों के नाम आत्मीय पत्र, तथा
गाँव की पवित्र मिट्टी को लिफाफे में सहेजकर एकत्र किया।
छात्राओं द्वारा तैयार की गई इस प्रेम व सम्मान रूपी सामग्री को विकासखंड कार्यालय के माध्यम से देश की रक्षा में तैनात वीरों तक भेजने के लिए रवाना किया गया इस कार्यक्रम को व्यवस्थित करने में विशेष रूप से कार्यालय से विभावती भगत एवं संकुल समंवयक प्रेमलाल बर्मन, मुनेश्वर यादव और सभी संकुल समन्वयक का सहयोग रहा।

इस दौरान विद्यालयों में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था विकासखंड के विद्यालयों में रक्षासूत्र तैयार करने में शिक्षक- श्रीमती मंजूला झा, मीरा अग्रवाल, श्रीमती मंत्री बाई, श्रीमती सुषमा,रूमी सिन्हा एवं विकासखंड के अन्य शिक्षकों का विशेष सहयोग रहा। बस्तामुक्त शनिवार के इस नवाचार से जहाँ बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान मिला, वहीं उनमें देशभक्ति की भावना भी सुदृढ़ हुई।

