मध्यप्रदेश में अधोसंरचना निर्माण को पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में बड़ा नीतिगत फैसला लिया गया है। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने घोषणा की कि अब प्रदेश में बनने वाले सभी सरकारी भवनों का निर्माण ‘ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी’ के आधार पर किया जाएगा। इसके साथ ही सड़क निर्माण में थर्मल पावर प्लांटों से निकलने वाली फ्लाईऐश आधारित सीमेंट और नई निर्माण तकनीकों के इस्तेमाल को अनिवार्य रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।
इस नई तकनीकी पहल को जमीन पर उतारने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थान CSIR-AMPRI भोपाल के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत फ्लाईऐश आधारित सीमेंट से टिकाऊ सड़कें बनाने और भविष्य में पारंपरिक सीमेंट के बिना पूरी तरह कंक्रीट सड़क तैयार करने की तकनीक विकसित करने पर काम होगा। सरकार का मुख्य जोर इस बात पर है कि नवाचार और वैज्ञानिक पद्धतियों के जरिए निर्माण की लागत घटाई जाए और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए।
इंजीनियरों के योगदान को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘इंजीनियर’ शब्द सुनते ही उन्हें ‘इंजन’ का आभास होता है, जो पूरी क्षमता और ऊर्जा के साथ व्यवस्था को संचालित करता है। उन्होंने अजंता-एलोरा की गुफाओं, कैलाश मंदिर और मंदसौर के धर्मराजेश्वर का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत का प्राचीन निर्माण कौशल आज भी दुनिया के लिए मिसाल है। मुख्यमंत्री ने विभाग की सराहना करते हुए कहा कि पीडब्ल्यूडी खुद फंड और संसाधन जुटाकर अधोसंरचना तैयार कर रहा है, जो आत्मनिर्भरता और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है।
राज्य में विकास कार्यों की गति को बढ़ाते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MP-RDC) आगामी एक वर्ष में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की लागत के अधोसंरचना कार्य पूरे करेगा। उन्होंने मानव संसाधन विकास पर जोर देते हुए जानकारी दी कि बीते 9 महीनों में विभाग के 85 प्रतिशत इंजीनियरों को उच्चस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा चुका है और जल्द ही भोपाल में इंजीनियरों के लिए एक समर्पित व स्थायी प्रशिक्षण संस्थान शुरू किया जाएगा।
सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी विभाग ने बड़े सुधार दर्ज किए हैं। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने बताया कि आधुनिक इंजीनियरिंग और विशेषज्ञों की मदद से प्रदेश भर के ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर सुधारा गया है, जिसके चलते हादसों में होने वाली मृत्यु दर में तुलनात्मक रूप से भारी गिरावट आई है। समारोह के समापन पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले दो दर्जन से अधिक सेवारत व सेवानिवृत्त इंजीनियरों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।























