अम्बिकापुर, 23 जून 2026: डिजिटल युग में जहां सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं साइबर अपराधियों ने भी अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया है। वर्तमान में एक नया मामला सामने आया है, जिसमें साइबर ठग आम नागरिकों को फर्जी ‘e-Challan’ का लिंक भेजकर उन्हें चूना लगा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।
कैसे काम करता है ठगों का यह गिरोह?
साइबर अपराधी SMS, WhatsApp और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से नकली ‘e-Challan’ का लिंक भेजते हैं। यह लिंक बिल्कुल सरकारी वेबसाइट जैसा प्रतीत होता है। जैसे ही कोई नागरिक हड़बड़ाहट में उस लिंक पर क्लिक करता है, वह एक फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाता है। वहां उनसे उनके बैंक खाते, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, UPI पिन और अन्य गोपनीय जानकारियां मांगी जाती हैं, जिसका उपयोग कर अपराधी खाता खाली कर देते हैं।
ऐसे पहचानें ‘फर्जी’ लिंक
प्रशासन ने फर्जी संदेशों की पहचान के लिए कुछ विशेष संकेत बताए हैं:
* अज्ञात नंबर: संदेश किसी अनजान मोबाइल नंबर या WhatsApp नंबर से आना।
* संदिग्ध डोमेन: लिंक के URL में .gov.in के बजाय .xyz, .click, .live जैसे संदिग्ध डोमेन का उपयोग होना।
* धमकी भरी भाषा: “तुरंत भुगतान न करने पर कानूनी कार्रवाई या जुर्माना बढ़ जाएगा” जैसी चेतावनी देना।
* ऐप डाउनलोड का दबाव: संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन (APK फाइल) डाउनलोड करने के लिए मजबूर करना, जिसमें मैलवेयर हो सकता है।
नागरिकों के लिए सुरक्षा निर्देश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि e-Challan से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल https://echallan.parivahan.gov.in का ही उपयोग करें। इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी लिंक पर भरोसा न करें।
सुरक्षित रहने के लिए ये कदम उठाएं:
1. कभी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
2. OTP, पिन, CVV और बैंकिंग जानकारी किसी भी हाल में साझा न करें।
3. संदिग्ध संदेश मिलते ही उसे तुरंत डिलीट कर दें।
4. केवल आधिकारिक वेबसाइट या सरकार द्वारा अधिकृत ऐप्स का ही उपयोग करें।
धोखाधड़ी होने पर क्या करें?
यदि आप या आपका कोई परिचित साइबर ठगी का शिकार होता है, तो घबराएं नहीं। तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे न केवल स्वयं सतर्क रहें, बल्कि अपने परिवार और मित्रों को भी इस साइबर जालसाजी के प्रति जागरूक करें।

