नई दिल्ली:
देश के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाली योजनाओं को लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बड़ा निर्णय लिया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 (अगले पांच वर्षों) तक जारी रखने की मंजूरी दी गई। इसके लिए कुल ₹53,428 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इस निर्णय से देश के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3.2 करोड़ लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा।
सरकार ने योजना का नाम बदलने के साथ-साथ दिव्यांग पेंशन के नियमों को अधिक व्यावहारिक और सरल बनाने का फैसला किया है, जिससे अब जन्म से ही दिव्यांग बच्चों को भी आर्थिक सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा।
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दिव्यांग पेंशन के नियमों में बड़े बदलाव: 40% दिव्यांगता पर भी मिलेगी पेंशन
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप केंद्र सरकार ने दिव्यांग पेंशन की पात्रता और राशि में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं:
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दिव्यांगता की सीमा 80% से घटाकर 40%: पहले केवल 80 फीसदी या उससे अधिक दिव्यांगता वाले लोग ही इस पेंशन के पात्र थे। अब 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले नागरिक भी योजना के दायरे में आएंगे।
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उम्र की न्यूनतम सीमा समाप्त: पूर्व निर्धारित आयु सीमा में ढील देते हुए अब जन्म से ही पात्रता देने का निर्णय लिया गया है, जिससे जरूरतमंद दिव्यांग बच्चों को भी सहायता मिल सकेगी।
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पेंशन राशि में वृद्धि:
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79 वर्ष तक की आयु के दिव्यांग लाभार्थियों को ₹375 प्रतिमाह सहायता मिलेगी।
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80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लाभार्थियों को ₹625 प्रतिमाह दिए जाएंगे।(दिव्यांगजन कानून के तहत दिव्यांगजनों को अन्य सामान्य योजनाओं की तुलना में 25% अतिरिक्त सहायता का प्रावधान रखा गया है।)
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केंद्रीय कैबिनेट के दो बड़े फैसले: 11.4 लाख से अधिक रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों का दिवाली बोनस, IDBI बैंक में 60.72% हिस्सेदारी बिक्री को भी मंजूरी
अब ‘प्रधानमंत्री’ के नाम से जानी जाएंगी योजनाएं
केंद्र सरकार ने मूल कार्यक्रम और इसके तहत संचालित चारों प्रमुख पेंशन व सहायता योजनाओं के नाम में बदलाव किया है:
| पूर्व नाम | नया नाम |
| राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) | प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना | प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना | प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना | प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना |
| राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना | प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना |
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बुजुर्गों और विधवाओं की पेंशन व्यवस्था यथावत
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के तहत मिलने वाली राशि और नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है; ये योजनाएं पूर्व निर्धारित शर्तों के अनुसार ही संचालित होती रहेंगी। परिवार लाभ योजना के तहत परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की असमय मृत्यु होने पर गरीब परिवार को पूर्ववत एकमुश्त आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।
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अगले 3 महीने में जारी होंगे नए दिशानिर्देश
दिव्यांग पेंशन में किए गए संशोधनों को धरातल पर उतारने के लिए अगले तीन महीनों के भीतर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। इसके बाद संशोधित व्यवस्था औपचारिक रूप से लागू होगी।
उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त 1995 को शुरू किया गया यह राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम शत-प्रतिशत केंद्र प्रायोजित है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले कमजोर और असहाय वर्गों को जीवनयापन के लिए न्यूनतम वित्तीय सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है।



