रायपुर:
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आगामी 27 अक्टूबर को मंत्रिपरिषद (साय कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य शासन की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं, प्रशासनिक नीतियों और आगामी खरीफ विपणन वर्ष में धान खरीदी की तैयारियों को लेकर बड़े निर्णय लिए जाने की प्रबल संभावना है।
अक्टूबर महीने में दूसरी बार आयोजित हो रही इस कैबिनेट बैठक पर प्रदेशभर के किसानों के साथ-साथ आम नागरिकों और कर्मचारियों की निगाहें टिकी हुई हैं।
धान खरीदी की नीतियों और तारीखों पर होगा मुख्य फोकस
प्रदेश में धान खरीदी का सीजन बेहद नजदीक आ चुका है, ऐसे में किसानों और कृषि से जुड़े विषय सरकार के एजेंडे में शीर्ष प्राथमिकता पर हैं: बैठक में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की आधिकारिक शुरुआत की तिथि, उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं और बारदाने की उपलब्धता पर अंतिम मुहर लग सकती है। किसानों से धान उपार्जन के बाद उसके सुरक्षित भंडारण, उठाव, कस्टम मिलिंग नीति और किसानों के बैंक खातों में त्वरित भुगतान की प्रक्रिया पर विस्तृत कार्ययोजना को मंजूरी दी जा सकती है।
सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान की आवक रोकने और उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधाओं को लेकर दिशा-निर्देश तय किए जा सकते हैं।
जनहितकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी होगा मंथन
धान खरीदी के अलावा कैबिनेट बैठक में कई अन्य विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया जाएगा:
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विभागीय समीक्षा व विकास योजनाएं: राज्य में चल रही अधोसंरचना परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश और ग्रामीण विकास से संबंधित लंबित फाइलों और नीतिगत संशोधनों को स्वीकृति मिल सकती है।
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प्रशासनिक विषय व जनहित के फैसले: विभिन्न विभागों के सेवा नियमों, रिक्त पदों पर भर्ती और आम जनता से जुड़े अहम नीतिगत प्रस्तावों को भी कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, बैठक का विस्तृत एजेंडा तैयार किया जा रहा है और 27 अक्टूबर को बैठक संपन्न होने के बाद सरकार द्वारा लिए गए अहम फैसलों की औपचारिक जानकारी साझा की जाएगी।


