छत्तीसगढ़ के अतिथि शिक्षक खोलेंगे मोर्चा: 5 जुलाई से आंदोलन की शुरुआत, करेंगे जल सत्याग्रह और अर्धनग्न प्रदर्शन
रायपुर, 2 जुलाई 2026 | छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी की विशेष पहल पर राज्य शासन ने कर्मचारियों के लिए ‘अल्पावधि ऋण’ (Short Term Credit) सुविधा का शुभारंभ किया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को आकस्मिक वित्तीय जरूरतों के समय बैंक या अन्य स्रोतों के चक्कर लगाने से बचाना और उन्हें एक सुरक्षित, डिजिटल व पारदर्शी विकल्प उपलब्ध कराना है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्रक्रिया होगी आसान
यह ऋण सुविधा राज्य सरकार की ‘ई-कोष’ (e-Kosh) प्रणाली से जुड़ी होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित होगी, जिससे कर्मचारियों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई और दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। कर्मचारी अपने ‘एम्प्लॉयी कॉर्नर’ (Employee Corner) के जरिए ऋण के लिए आवेदन कर सकेंगे।
वित्त मंत्री ने दी जानकारी
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि यह सुविधा पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित है। उन्होंने कहा, “कर्मचारियों को आवेदन करने से पहले ऋण की ब्याज दर, ईएमआई, शुल्क और ‘की फैक्ट स्टेटमेंट’ (KFS) जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां स्पष्ट रूप से दिखाई देंगी, ताकि वे सोच-समझकर निर्णय ले सकें।”
इसकी निम्नलिखित विशेषताएन है –
- त्वरित प्रक्रिया: ई-केवाईसी (e-KYC) और डिजिटल प्रमाणीकरण के जरिए ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया बेहद तेज होगी।
- वेतन से कटौती: ऋण की मासिक किस्तों का भुगतान सीधे कर्मचारी के वेतन से निर्धारित प्रक्रिया के तहत होगा।
- डेटा सुरक्षा: वित्त विभाग द्वारा जारी एसओपी (SOP) के तहत डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा गया है।
- उद्देश्य: चिकित्सा, शिक्षा और अन्य आकस्मिक पारिवारिक जरूरतों के लिए कर्मचारियों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करना।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण और आर्थिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। डिजिटल माध्यम से दी जा रही यह सुविधा ‘सुशासन’ और ‘तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों’ को और अधिक मजबूत बनाएगी।
डिजिटल सहेली: गांवों की महिलाओं को बिजनेस और कमाई में आगे बढ़ाएगा ‘शी-लीप्स’ ऐप
इस व्यवस्था के लागू होने से छत्तीसगढ़ के लाखों शासकीय कर्मचारियों को अपनी छोटी-मोटी वित्तीय समस्याओं के समाधान के लिए अब अनौपचारिक या असुविधाजनक वित्तीय स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

