नई दिल्ली: प्राथमिक स्तर पर पढ़ा रहे बीएड (B.Ed.) योग्यताधारी शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और अनिवार्य प्रमाणन को लेकर केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने प्राथमिक शिक्षक संबंधी शिक्षा (PTE) में छह महीने के प्रमाण-पत्र (ब्रिज) पाठ्यक्रम का आधिकारिक शुभारंभ किया। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) के माध्यम से संचालित होने वाला यह पाठ्यक्रम कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए सेवारत बीएड शिक्षकों को आवश्यक शैक्षणिक व तकनीकी मान्यता प्रदान करेगा।
किन शिक्षकों के लिए अनिवार्य है यह ब्रिज कोर्स?
यह कोर्स सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘देवेश शर्मा बनाम भारत संघ’ मामले में 8 अप्रैल 2024 को दिए गए आदेश और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की गाइडलाइंस के तहत शुरू किया गया है:28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच कक्षा 1 से 5 में नियुक्त हुए ऐसे शिक्षक, जिनके पास बी.एड. की डिग्री है लेकिन डी.एल.एड. (D.El.Ed.) की योग्यता नहीं है।यह पाठ्यक्रम विशेष रूप से उन शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है जिनकी नियुक्तियां NCTE की 28 जून 2018 की अधिसूचना के तहत संरक्षित हैं।

कोर्स का ढांचा और ट्रेनिंग मॉडल
ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड में चलने वाले इस कोर्स की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
-
कक्षाएं और प्रैक्टिकल: छह सैद्धांतिक विषयों (Theory Courses) के अलावा कम से कम 10 दिनों की ऑनलाइन संपर्क कक्षाएं और 20 दिनों का स्कूल-आधारित प्रायोगिक अनुभव अनिवार्य होगा।
-
परीक्षा की भाषा: अध्ययन का माध्यम हिंदी और अंग्रेजी रहेगा, लेकिन शिक्षक संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल 22 क्षेत्रीय भाषाओं में से किसी भी भाषा में अपनी थ्योरी परीक्षा दे सकेंगे।
-
डिजिटल लर्निंग: शिक्षकों के नियमित स्कूल कार्य को प्रभावित किए बिना ऑडियो-वीडियो ट्यूटोरियल, ई-लर्निंग मॉड्यूल, रिफ्लेक्टिव जर्नल और डिजिटल पोर्टफोलियो के माध्यम से प्रशिक्षण पूरा कराया जाएगा।

पोर्टल पर कैसे होगा आवेदन?
-
पात्र शिक्षक एनआईओएस के आधिकारिक पोर्टल https://bridge.nios.ac.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
-
शिक्षक पोर्टल पर जरूरी दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे और व्यक्तिगत डैशबोर्ड के जरिए अपने प्रवेश की स्थिति व डिजिटल अध्ययन सामग्री ट्रैक कर सकेंगे।























