नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल के दामों में उछाल और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली के चलते शेयर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि, बाजार की इस अस्थिरता के बीच घरेलू खुदरा निवेशकों का भरोसा म्यूचुअल फंड्स, खासकर स्मॉल कैप कैटेगरी पर लगातार मजबूत बना हुआ है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के अगस्त 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड की 11 सब-कैटेगरी में सबसे ज्यादा ₹7,973 करोड़ का नया निवेश अकेले स्मॉल कैप फंड्स में दर्ज किया गया है।
6 महीने में 20% से 30% तक का बंपर मुनाफा
बीते 6 महीनों में कई प्रमुख इक्विटी स्मॉल कैप फंड्स ने अपने निवेशकों को 20 से 30 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है:
-
क्वांट स्मॉल कैप फंड: 6 महीने में 30.6% का सर्वाधिक रिटर्न दिया। यदि किसी निवेशक ने 6 महीने तक ₹10,000 की मासिक एसआईपी की, तो उसका कुल निवेश ₹60,000 बढ़कर मैच्योरिटी पर लगभग ₹65,500 से अधिक हो गया, यानी सीधे ₹5,500 से ज्यादा का शुद्ध लाभ।
-
इनवेस्को इंडिया स्मॉल कैप फंड: इसने पिछले 6 महीने में 25% का शानदार रिटर्न दिया।
-
बंधन स्मॉल कैप फंड: इस फंड ने 6 महीनों में 23.7% का रिटर्न दर्ज किया।
-
निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फंड: सबसे बड़े एयूएम वाले इस फंड ने पिछले 6 महीने में 20.3% का रिटर्न दिया।
टॉप 4 स्मॉल कैप फंड्स का प्रदर्शन (3 महीने से 5 साल तक)
(आंकड़े: 9 सितंबर 2026 तक)
| फंड का नाम | AUM (₹ करोड़) | 3 महीने (%) | 6 महीने (%) | 1 साल (%) | 3 साल (%) | 5 साल (%) |
| क्वांट स्मॉल कैप | 34,069 | 10.4 | 30.6 | 16.9 | 16.4 | 18.7 |
| इनवेस्को इंडिया स्मॉल कैप | 14,475 | 11.5 | 25.0 | 16.8 | 21.1 | 18.9 |
| बंधन स्मॉल कैप | 31,103 | 9.4 | 23.7 | 13.1 | 23.1 | 18.5 |
| निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप | 78,957 | 7.8 | 20.3 | 10.3 | 14.0 | 18.3 |
क्या होता है इक्विटी स्मॉल कैप फंड और कितना है जोखिम?
सेबी (SEBI) के नियमों के तहत इक्विटी स्मॉल कैप फंड्स के लिए अपने कुल फंड का कम से कम 65 प्रतिशत हिस्सा स्मॉल कैप कंपनियों (मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के लिहाज से 251वीं रैंक से नीचे की कंपनियों) के शेयरों में लगाना अनिवार्य होता है।
लार्ज कैप और मिड कैप की तुलना में स्मॉल कैप स्टॉक्स में तेजी से बढ़ने की क्षमता अधिक होती है, जिससे बुल मार्केट में ये फंड्स बंपर रिटर्न जनरेट करते हैं। हालांकि, इनमें बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है और गिरावट के दौर में जोखिम भी सबसे अधिक रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मॉल कैप फंड्स में हमेशा लंबी अवधि (कम से कम 5 से 7 साल) के नजरिए और एसआईपी (SIP) के जरिए ही निवेश की रणनीति बनानी चाहिए।























