नई दिल्ली:
देश में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बनाए रखने और छात्रों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। फरवरी 2026 में यूजीसी द्वारा जारी की गई नवीनतम सूची के अनुसार, देश भर में 32 संस्थानों को फर्जी विश्वविद्यालय के रूप में चिन्हित किया गया है। यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि इन संस्थानों के पास कोई भी डिग्री प्रदान करने का कानूनी अधिकार नहीं है।
इन सभी फर्जी पाए गए संस्थानों की पूरी सूची विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (
[https://www.ugc.gov.in/universitydetails/Fakeuniversity](https://www.ugc.gov.in/universitydetails/Fakeuniversity)) पर सार्वजनिक कर दी गई है।फर्जी संस्थानों के खिलाफ यूजीसी की सख्त कार्रवाई
स्वघोषित और अवैध रूप से संचालित हो रहे इन संस्थानों पर नकेल कसने के लिए यूजीसी ने कई अहम कदम उठाए हैं:
नियम उल्लंघन करने वाले ऐसे फर्जी संस्थानों को स्पष्टीकरण, अनुपालन पत्र और चेतावनी नोटिस जारी किए गए हैं। छात्रों, अभिभावकों और आम जनता को ऐसे फर्जी संस्थानों के झांसे में आने से बचाने के लिए यूजीसी की वेबसाइट पर सार्वजनिक सूचनाएं और चेतावनी जारी की गई हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, शिक्षा सचिवों और प्रधान सचिवों को पत्र लिखकर यूजीसी अधिनियम, 1956 का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र सरकार की राज्यों से अपील: दर्ज कराएं एफआईआर, बंद कराएं संस्थान
शिक्षा समवर्ती सूची (Concurrent List) का विषय होने के कारण केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस दिशा में काम कर रही हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों से अपील की है कि: फर्जी तरीके से खुद को “विश्वविद्यालय” बताकर डिग्रियां बांटने और छात्रों से ठगी करने वालों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाए और संस्थानों को बंद करने के लिए सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। यदि किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में कोई ऐसा अन्य फर्जी संस्थान संचालित हो रहा है जो फिलहाल यूजीसी की सूची में शामिल नहीं है, तो उसकी जानकारी भी तुरंत केंद्र सरकार और यूजीसी को साझा की जाए।

