नई दिल्ली: भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खानपान के चलते शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी होना आम बात हो गई है। ऐसे में कई लोग बिना सही जानकारी या मेडिकल सलाह के खुद ही मेडिकल स्टोर से मल्टीविटामिन और सप्लीमेंट्स खरीदकर खाना शुरू कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सप्लीमेंट्स को अगर सही समय और सही तरीके से न लिया जाए, तो शरीर उन्हें ठीक से अवशोषित (Absorb) नहीं कर पाता और उनका पूरा फायदा नहीं मिलता।
नई दिल्ली स्थित आईएसआईसी (ISIC) मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. गौरव खटाना के अनुसार, हर विटामिन और मिनरल के शरीर में काम करने का तरीका अलग होता है। अलग-अलग सप्लीमेंट्स को लेने का सही नियम और समय इस प्रकार है:
1. विटामिन डी3 (Vitamin D3): फैट वाले भोजन के साथ लें
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सही तरीका: विटामिन डी3 एक फैट-सॉल्यूबल (वसा में घुलनशील) विटामिन है। इसे हमेशा ऐसे भोजन के साथ लेना चाहिए जिसमें थोड़ा हेल्दी फैट हो—जैसे दूध, दही, अंडा, नट्स या एवोकाडो।
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समय: इसे सुबह या शाम किसी भी समय लिया जा सकता है, बस साथ में हल्का फैट युक्त खाना जरूरी है।
2. मैग्नीशियम (Magnesium): रात में सोने से पहले फायदेमंद
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सही तरीका: मैग्नीशियम मांसपेशियों को रिलैक्स करने और बेहतर नींद लाने में मदद करता है। पेट खराब या गैस से बचने के लिए इसे भोजन के साथ लें।
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समय व सावधानी: इसे रात को सोने से पहले लेना सबसे अच्छा माना जाता है। ध्यान रहे कि मैग्नीशियम को कैल्शियम, आयरन और जिंक के साथ न लें; इनके बीच 2 से 4 घंटे का अंतर जरूर रखें।
3. कैल्शियम और जिंक: खाली पेट लेने से बचें
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कैल्शियम: इसे हमेशा खाने के साथ लें ताकि इसका अवशोषण बेहतर हो। यदि डोज ज्यादा है, तो एक बार में लेने के बजाय दिन में दो हिस्सों में बांटकर लें। इसे आयरन, जिंक, थायराइड की दवा (लेवोथायरोक्सिन) या एंटीबायोटिक्स के साथ बिल्कुल न खाएं।
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जिंक: जिंक को कभी खाली पेट न लें, वरना जी मिचलाना (Nausea) या पेट दर्द हो सकता है। इसे भी चाय, कॉफी या अधिक फाइबर वाले खाने के साथ तुरंत लेने से बचें, क्योंकि इससे इसका असर घट जाता है।
4. विटामिन बी12 और फोलेट (विटामिन बी9): नियमितता सबसे जरूरी
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विटामिन बी12: इसे दिन के किसी भी समय खाने के साथ या बिना खाए लिया जा सकता है। इसमें समय से ज्यादा जरूरी इसे रोजाना नियमित रूप से लेना है।
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फोलेट (B9): डीएनए और रेड ब्लड सेल्स निर्माण के लिए यह जरूरी है। गर्भावस्था की प्लानिंग या प्रेग्नेंसी के दौरान डॉक्टर की सलाह पर इसे नियमित लेना अनिवार्य होता है।
5. विटामिन सी (Vitamin C): आयरन अवशोषण में मददगार
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सही तरीका: इसे खाने के साथ या खाली पेट दोनों तरह से लिया जा सकता है। अगर खाली पेट एसिडिटी होती है, तो खाने के बाद लें।
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खास बात: विटामिन सी पौधों से मिलने वाले आयरन (Non-Heme Iron) को शरीर में सोखने की क्षमता बढ़ाता है।
(डिस्क्लेमर: हर व्यक्ति की शारीरिक जरूरत और दवाओं की डोज अलग होती है, इसलिए किसी भी सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।)























