रायपुर:
त्योहारी सीजन के बीच छत्तीसगढ़ में अंतरशहरी सफर करने वाले आम यात्रियों की जेब पर महंगाई की सीधी मार पड़ी है। परिवहन विभाग ने प्रदेश के प्रमुख मार्गों पर संचालित यात्री बसों के किराए में 10 से 40 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है। विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नया किराया ढांचा राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
नए संशोधन के बाद राजधानी रायपुर से बिलासपुर का किराया ₹250 से बढ़कर ₹350, रायपुर से कांकेर का किराया ₹180 की जगह ₹300, रायपुर से जगदलपुर का किराया ₹700 की जगह ₹950 और रायपुर से बेमेतरा का किराया ₹70 से बढ़ाकर ₹125 कर दिया गया है। वहीं रायपुर से अंबिकापुर मार्ग पर यात्रियों को ₹200 से ₹300 तक तथा रायपुर से जशपुर मार्ग पर ₹300 से ₹400 तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।
श्रेणीवार नई प्रति किलोमीटर दरें
नगरीय निकाय क्षेत्रों में चलने वाली सिटी बसों को छोड़कर प्रदेश की सभी अंतरशहरी बसों पर नई दरें प्रभावी होंगी:
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साधारण बस: शुरुआती 5 किलोमीटर का न्यूनतम किराया ₹10 निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रति किलोमीटर ₹1.75 (पूर्व में ₹1.25) की दर से किराया लिया जाएगा।
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डीलक्स बस: पहले 5 किमी के लिए ₹12 और इसके बाद ₹2.20 प्रति किलोमीटर।
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डीलक्स स्लीपर व सेमी-स्लीपर (नॉन-एसी): पहले 5 किमी के लिए ₹12 और इसके बाद ₹2.20 प्रति किलोमीटर।
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एसी डीलक्स स्लीपर व सेमी-स्लीपर: पहले 5 किमी के लिए ₹12 तथा इसके बाद ₹3.20 प्रति किलोमीटर।
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सुपर लग्जरी एवं वोल्वो बसें: वोल्वो, मर्सिडीज और स्कैनिया जैसी अत्याधुनिक बसों में पहले 5 किमी के लिए ₹12 और इसके बाद ₹3.30 प्रति किमी की दर लागू होगी। एसी सेमी-स्लीपर में सीट के लिए ₹3.00 और स्लीपर बर्थ के लिए ₹3.30 प्रति किमी तय किया गया है।
रात्रिकालीन सफर पर 10% अतिरिक्त अधिभार
सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच 200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने वाली लंबी दूरी की साधारण व डीलक्स बसों में मूल किराए पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त रात्रिकालीन शुल्क जोड़ा जाएगा।
किराए की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक के अंश को अगले पूरे रुपये में राउंड ऑफ किया जाएगा, जबकि 50 पैसे से कम के अंश को छोड़ दिया जाएगा।
इन वर्गों को 100% और 50% किराए में विशेष छूट
परिवहन विभाग ने सामाजिक सरोकार के तहत कई श्रेणियों के यात्रियों के लिए किराए में भारी रियायत का प्रावधान रखा है:
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100 प्रतिशत निःशुल्क यात्रा: दृष्टिबाधित, बौद्धिक दिव्यांग (मानसिक मंदता), दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक तथा एचआईवी/एड्स पीड़ित व्यक्तियों से कोई किराया नहीं लिया जाएगा। उपचार हेतु यात्रा करने की स्थिति में इनके साथ जाने वाले एक सहायक (अटेंडेंट) को भी शत-प्रतिशत छूट मिलेगी।
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आवश्यक दस्तावेज: दिव्यांग यात्रियों को समाज कल्याण विभाग या सरकारी अस्पताल का प्रमाणपत्र तथा एचआईवी पीड़ितों को राज्य एड्स नियंत्रण समिति, एआरटी केंद्र अथवा कैंसर अस्पताल का अधिकृत पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
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नक्सल प्रभावितों को 50% छूट: राज्य के नक्सल प्रभावित नागरिकों को संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) की अनुशंसा पर कलेक्टर द्वारा जारी वैध प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर किराए में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बसों के परमिट और पंजीयन में श्रेणी का उल्लेख अनिवार्य होगा। निर्धारित छूट न देने या तय दर से अधिक किराया वसूलने वाले ऑपरेटरों के परमिट निलंबित कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


