एक साल में दूसरी बार बस किराए में बढ़ोतरी का दावा, भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल; कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बस किराए में बढ़ोतरी और सरकारी भर्ती परीक्षाओं में आ रही बाधाओं को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बढ़ती महंगाई और परिवहन खर्च को लेकर सरकार पर सवाल उठाए, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि एक ओर आम जनता महंगाई से परेशान है, तो दूसरी ओर भर्ती प्रक्रियाओं में अनिश्चितता के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
बस किराया बढ़ने पर भूपेश बघेल ने उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस किराए में बढ़ोतरी को लेकर कहा कि प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में बिजली बिल में पांच बार बढ़ोतरी हुई है, जबकि एक साल के भीतर बस किराया दूसरी बार बढ़ाया गया है। बघेल के मुताबिक, इस बार बस किराए में 40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
उन्होंने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जरूरी वस्तुओं और सेवाओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। बघेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जब बिजली से लेकर परिवहन और रसोई तक का खर्च बढ़ रहा है, तो आम जनता को राहत कहां से मिलेगी।
भर्ती परीक्षाओं में देरी और स्थगन पर भी घेरा
भूपेश बघेल ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं और पुलिस भर्ती प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कभी इंटरव्यू स्थगित हो जाते हैं, तो कभी प्रमोशन और परीक्षाओं से जुड़ी प्रक्रियाएं टल जाती हैं।
बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार भर्ती परीक्षाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित नहीं कर पा रही है। उनके अनुसार, बार-बार होने वाले बदलाव और स्थगन से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में अनिश्चितता बढ़ती है और उनके भविष्य पर असर पड़ता है।
दीपक बैज बोले- परीक्षा प्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में किसी भी विभाग की परीक्षा व्यवस्था भरोसेमंद नहीं रह गई है। बैज ने पुलिस भर्ती के इंटरव्यू स्थगित होने और शिक्षक भर्ती परीक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।
बैज ने कहा कि भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर आयोजित करने का दावा किया था, लेकिन शिक्षक भर्ती, व्यापम और सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती जैसी प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही समस्याओं ने अभ्यर्थियों के भरोसे को प्रभावित किया है। बैज ने भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और परीक्षाओं को समयबद्ध तरीके से आयोजित करने की मांग उठाई।
महंगाई और युवाओं के भविष्य पर सियासी घमासान
बस किराए में बढ़ोतरी और भर्ती परीक्षाओं को लेकर कांग्रेस के हमले के बाद प्रदेश की राजनीति में महंगाई, रोजगार और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसे मुद्दे फिर चर्चा में आ गए हैं। कांग्रेस ने जहां बढ़ते खर्च को आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया है, वहीं भर्ती परीक्षाओं में आ रही बाधाओं को युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल करार दिया है।
अब इन मुद्दों पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर आगे उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।


