राजनांदगांव:
जिले के शासकीय स्कूलों में कार्यरत हजारों शिक्षकों के अधिकारों, लंबित सेवा मामलों और स्थानीय प्रशासनिक विसंगतियों को लेकर ‘छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा’ का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से उनके कार्यालय में मिला। मोर्चा ने शिक्षकों को आ रही व्यावहारिक और सेवा संबंधी दिक्कतों को रेखांकित करते हुए एक विस्तृत 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
डेलिगेशन का नेतृत्व मोर्चा के जिला संयोजकों—गोपी वर्मा, विष्णु शर्मा और नीलेश रामटेके ने संयुक्त रूप से किया।
बीईओ कार्यालयों की लापरवाही पर गहरी नाराजगी
वार्ता के दौरान पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी को सीधे तौर पर अवगत कराया कि विकासखंड (BEO) स्तर के कार्यालयों की घोर लापरवाही के कारण शिक्षकों के जायज काम वर्षों से लंबित हैं। पूर्व में जिला कार्यालय से जारी निर्देशों की भी नीचे के अधिकारी खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं, जिससे शिक्षक संवर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है।
- मासिक परीक्षा प्रणाली: पाक्षिक परीक्षाओं के स्थान पर पूर्व की भांति मासिक परीक्षाएं आयोजित की जाएं, जिससे पाठ्यक्रम पूरा करने का पर्याप्त समय मिल सके।
- शनिवार का समय: जिले के जिन हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में शनिवार को दोपहर की पाली लगती है, उन्हें छात्रों और शिक्षकों के हित में केवल शनिवार को प्रातः कालीन (सुबह की पाली) संचालित किया जाए।
- NGO के हस्तक्षेप पर रोक: स्कूलों और शिक्षा विभाग में गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के बढ़ते दखल और अनावश्यक मानसिक दबाव पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- सेवा पुस्तिका संधारण: एलबी संवर्ग के संविलियन पूर्व की सेवा पुस्तिकाओं का संभागीय कार्यालय से सत्यापन और चारों विकासखंडों में पारदर्शी संधारण सुनिश्चित हो।
- जीपीएफ पासबुक: 1 अप्रैल 2022 से ओपीएस (OPS) के तहत हो रही कटौतियों के एवज में जीपीएफ (GPF) पासबुक का भौतिक संधारण तत्काल कराया जाए।
- उच्च शिक्षा की अनुमति: शिक्षकों द्वारा उच्च परीक्षाओं में सम्मिलित होने हेतु दिए गए लंबित आवेदनों पर त्वरित अनुमति आदेश जारी हों।
- सेवानिवृत्त/मृत शिक्षकों के स्वत्व: पिछले वर्षों में सेवानिवृत्त व मृत शिक्षकों के पेंशन, ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश नकदीकरण के भुगतान में हो रही देरी का प्राथमिकता से निराकरण हो।
- परीक्षाओं का विकेंद्रीकरण: त्रैमासिक, अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र निर्धारण व आयोजन का अधिकार पुनः स्कूल स्तर पर प्राचार्यों को दिया जाए।
- अर्जित अवकाश (EL): ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान जनगणना कार्य में संलग्न रहे कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका में नियमानुसार अर्जित अवकाश दर्ज कराने के निर्देश दिए जाएं।
- नियमितीकरण: पंचायत विभाग के अंतर्गत कार्यरत जिन सहायक शिक्षकों, शिक्षकों और व्याख्याताओं का नियमितीकरण शेष है, उनकी प्रक्रिया तेज की जाए।
आंदोलन और तालाबंदी की तैयारी
मोर्चा के संयोजकों ने DEO से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इन न्यायोचित मांगों पर अविलंब निर्णय लेकर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो शिक्षक मोर्चा जिले भर में उग्र आंदोलन और तालाबंदी के लिए विवश होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार समस्याओं के शीघ्र निराकरण और लापरवाह ब्लॉक अधिकारियों को तलब करने का आश्वासन दिया है























