बीजेपी और दिल्ली पुलिस पर लगे गंभीर आरोप: “बैठक के लिए हॉल न मिलने देने और धमकाने की कोशिश”
नई दिल्ली:
सिटीजन फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि उनका चर्चित अभियान ‘जंतर-मंतर’ का दूसरा सीजन जल्द ही शुरू होने जा रहा है. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार लोग सीजन 2 को लेकर सवाल पूछ रहे थे, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है. इस दौरान CJP नेताओं ने केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तानाशाही रवैये और दिल्ली पुलिस पर निष्पक्ष काम न करने के गंभीर आरोप लगाए.
15 अगस्त से सरकारी स्कूलों को लेकर नया अभियान
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के मौके पर संगठन एक विशेष देशव्यापी अभियान की शुरुआत कर रहा है. उन्होंने कहा,
“आजादी के बाद से देश में सरकारी स्कूलों को लगातार और पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे मजदूरी करने पर मजबूर हैं. अब सरकारें अपनी जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकतीं. हम मांग करेंगे कि सरकार गांव के सरपंचों के जरिए स्कूलों की स्थिति में सुधार कराए. यदि ऐसा नहीं होता है, तो जमीनी स्तर पर विरोध-प्रदर्शन किए जाएंगे.”
इस मुद्दे पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि देश भर में नाकाबिल सरकारों और अधिकारियों के खिलाफ जनता का जारी विरोध-प्रदर्शन ही असल में ‘जंतर-मंतर सीजन 2’ है. CJP की टीम अब देशव्यापी ‘लिसनिंग टूर’ (लोगों की बात सुनने का दौरा) शुरू कर रही है.
सौरव दास ने नागरिकों और माता-पिता से अपील की है कि वे स्वतंत्रता दिवस से अपने नजदीकी सरकारी स्कूलों में जाएं, वहां का ‘सोशल ऑडिट’ करें, हालात को रिकॉर्ड करें और सच्चाई सामने लाकर सुधार में योगदान दें.
बीजेपी पर हॉल मालिकों को धमकाने का आरोप
वॉलंटियर्स की बैठक में आए व्यवधान को लेकर अभिजीत दीपके ने सीधे तौर पर बीजेपी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने बताया कि दिल्ली में वॉलंटियर्स की मीटिंग के लिए कोई भी हॉल किराए पर देने को तैयार नहीं था और हर तरफ से यही कहा जा रहा था कि ‘ऊपर से दबाव’ है.
दीपके ने कहा: बड़ी मशक्कत और रसीद कटने के बाद एक हॉल मिला था.कार्यक्रम की सुबह ही हॉल मालिकों को धमकियां दी गईं कि अगर CJP की मीटिंग होने दी गई, तो उन्हें परिणाम भुगतने होंगे.यह सब बीजेपी के इशारे पर किया जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि सत्ता में बैठे लोग देश के युवाओं से डरे हुए हैं.उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी छोटी-मोटी हरकतों से CJP और युवा डरने वाले नहीं हैं.
दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
मीटिंग के लिए जगह न मिलने और मिली धमकियों पर कड़ा एतराज जताते हुए प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए. उन्होंने पूछा कि क्या दिल्ली में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और क्या दिल्ली पुलिस सिर्फ सत्ताधारी दल (BJP) के लिए काम कर रही है, या फिर दिल्ली की आम जनता के प्रति भी उसकी कोई जवाबदेही है?

