प्रत्येक वर्ष 27 सितंबर को मनाया जाने वाला ‘विश्व पर्यटन दिवस’ इस वर्ष “डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पर्यटन को नया रूप देना” (Digital Agenda and Artificial Intelligence to Redesign Tourism) की वैश्विक थीम के साथ आयोजित किया जा रहा है। भारत में पर्यटन क्षेत्र केवल सांस्कृतिक पहचान तक सीमित न रहकर देश की आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और आजीविका का प्रमुख आधार बनकर उभरा है। टूरिज्म सैटेलाइट अकाउंट (TSA) के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था (GDP) में पर्यटन का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष योगदान 5.22 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जबकि इस क्षेत्र ने 8.46 करोड़ से अधिक रोजगारों को सहारा दिया है।
भारतीय पर्यटन में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में घरेलू पर्यटकों की संख्या 67.7 करोड़ थी, जो 2025 में उछलकर 428.55 करोड़ के आंकड़े तक पहुंच गई। इसी अवधि में विदेशी पर्यटकों की आवक बढ़कर 2.53 करोड़ दर्ज की गई, जिससे भारत को ₹2,76,831 करोड़ की भारी-भरकम विदेशी मुद्रा की आय प्राप्त हुई।
विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर नई दिल्ली स्थित ‘भारत मंडपम’ में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत कई ऐतिहासिक डिजिटल पहलों की शुरुआत करेंगे। इनमें सबसे प्रमुख ‘नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक’ (NDTS) है, जो एक ओपन डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में पर्यटन सेवाओं को खोजने और बुक करने की प्रक्रिया को बेहद सुलभ व पारदर्शी बनाएगा। इसके साथ ही ऑफ-बीट और कम-ज्ञात पर्यटन स्थलों को प्रमोट करने के लिए ‘देखो अपना देश 2.0’ का शुभारंभ भी किया जाएगा।
भारत अपने डिजिटल पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से अपना रहा है। वर्तमान में 172 देशों के नागरिकों के लिए ई-वीजा सुविधा 88 अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वारों पर उपलब्ध है, जहां 95% से अधिक आवेदनों का निस्तारण 72 घंटों के भीतर हो जाता है। पुनर्गठित ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एआई-संचालित टूल्स के माध्यम से पर्यटकों को पर्सनलाइज्ड यात्रा योजना, टिकट और होटल बुकिंग की सुविधा मिल रही है। वहीं ‘निधि प्लस’ (NIDHI+) पोर्टल पर 63,000 से अधिक होटल इकाइयां और 15,500 से अधिक सेवा प्रदाता पंजीकृत हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, पर्यटन मंत्रालय ने डेटा एनालिटिक्स और एआई-सक्षम वैश्विक प्रचार के लिए गूगल इंडिया के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। स्टार्टअप्स के मोर्चे पर भी 58% पर्यटन उद्यम टियर-II और टियर-III शहरों से उभरकर ग्रामीण व अनुभव-आधारित पर्यटन को गति दे रहे हैं।
धार्मिक, सांस्कृतिक और तटीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ और ‘प्रसाद’ (PRASHAD) योजनाओं के तहत हजारों करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे तैयार किए गए हैं। देश के 75 लाइटहाउसों को पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है, जबकि क्रूज यात्रियों की संख्या 328% की छलांग लगाकर 4.62 लाख तक पहुंच चुकी है। वैश्विक स्तर पर, जयपुर में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) पर्यटन मंत्रियों की बैठक में अंगीकार किए गए ‘जयपुर घोषणापत्र’ और जी-20 सम्मेलनों ने भारत के 60 से अधिक शहरों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया है। सेवा गुणवत्ता सुधारने के लिए ‘हुनर से रोजगार तक’ और ‘पर्यटन मित्र/पर्यटन दीदी’ जैसे कार्यक्रमों से जमीनी स्तर के हितधारकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई-आधारित सुविधाओं और अत्याधुनिक कनेक्टिविटी (उड़ान योजना) के समन्वय से भारत अब वैश्विक स्तर पर एक ज्यादा समावेशी, टिकाऊ और तकनीक-सक्षम पर्यटन महाशक्ति बनने की राह पर अग्रसर है।























