नई दिल्ली। भारत में वैकल्पिक और हरित ईंधन को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पूरी तरह से इथेनॉल (100% फ्लेक्स-फ्यूल) पर चलने वाली कार अपनाने से ईंधन का खर्च पेट्रोल की तुलना में घटकर लगभग ₹25 प्रति लीटर के बराबर आ जाएगा।
नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलने वाले इस वाहन में पारंपरिक पेट्रोल की कोई जरूरत नहीं होगी। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब देश में ई20 (E20) पेट्रोल मिश्रण नीति को लेकर वाहन के माइलेज और इंजन पर पड़ने वाले असर पर व्यापक चर्चा चल रही है।
अक्तूबर में लॉन्च होगी टोयोटा की 100% इथेनॉल इनोवा
नितिन गडकरी ने खुलासा किया कि टोयोटा की 100% इथेनॉल संचालित इनोवा का मॉडल अक्तूबर 2026 में लॉन्च होने जा रहा है। मंत्री ने कहा कि उन्हें टोयोटा के इस फ्लेक्स-फ्यूल वाहन के लॉन्च इवेंट में आमंत्रित किया गया है। यह कार नियमित पेट्रोल के बजाय 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलने के लिए डिजाइन की गई है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि यह गाड़ी चलते समय 60 प्रतिशत तक बिजली भी पैदा करेगी, जिससे इसकी कार्यकुशलता बढ़ेगी और रनिंग कॉस्ट में भारी कमी आएगी।
E20 पर भ्रम दूर: दुनिया के 19 देशों में सफल
ई20 नीति को लेकर उठ रही आशंकाओं पर गडकरी ने स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि दुनिया के 19 देशों में इथेनॉल का इस्तेमाल सफलतापूर्वक किया जा रहा है और भारत में भी अब तक किसी वाहन से कोई वास्तविक शिकायत नहीं आई है। सरकार के अनुसार, वाहन निर्माताओं, ऑटोमोबाइल एसोसिएशनों या उपभोक्ता समूहों से इंजन खराब होने या माइलेज घटने को लेकर कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। प्रयोगशाला अध्ययनों और फील्ड ट्रायल्स ने यह साबित किया है कि E20 ईंधन इंजन की मजबूती और मटीरियल कम्पैटिबिलिटी के सभी मानकों पर पूरी तरह खरा उतरता है।
फ्लेक्स-फ्यूल का भविष्य और मारुति की पहल
टोयोटा की प्रस्तावित इनोवा भारत में फ्लेक्स-फ्यूल क्रांति की दिशा में एक अहम पड़ाव साबित होगी। इससे पहले जून में मारुति सुजुकी ने भी देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार पेश की थी। फ्लेक्स-फ्यूल इंजन की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह E20 से लेकर 100 प्रतिशत शुद्ध इथेनॉल तक किसी भी अनुपात के मिश्रण पर बिना किसी रुकावट के चल सकता है। इससे वाहन चालकों को ईंधन की उपलब्धता के आधार पर अपनी पसंद चुनने की पूरी आजादी मिलेगी।























