रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राज्य सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती के नियमों में महत्वपूर्ण और दूरगामी बदलाव किए हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब इन सभी पदों को वेतनमान के बजाय न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सात अलग-अलग समूहों में वर्गीकृत किया गया है। इस भर्ती सुधार का सबसे बड़ा और निर्णायक पहलू यह है कि अब तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सीधी भर्तियों में केवल छत्तीसगढ़ के स्थानीय मूल निवासियों को ही पात्र माना जाएगा, जिससे प्रदेश के युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
नई व्यवस्था के अंतर्गत सामान्य पदों के लिए कॉमन एंट्रेंस परीक्षा और तकनीकी विशेषज्ञता वाले पदों के लिए आवश्यकतानुसार अलग से परीक्षाएं आयोजित की जा सकेंगी। सरकार द्वारा तय किए गए सात समूहों में इंजीनियरिंग, स्नातक-स्नातकोत्तर, शिक्षा, वर्दीधारी सेवा, स्वास्थ्य, हायर सेकेंडरी और चतुर्थ श्रेणी स्तर के पदों को शामिल किया गया है। इससे भर्ती प्रक्रिया पहले से अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी तथा अलग-अलग विभागों के समान योग्यता वाले पदों के लिए बार-बार आवेदन और परीक्षा देने के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी।
तकनीकी और प्रशासनिक पदों की बात करें तो उप अभियंता (सब इंजीनियर) पद के लिए संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में तीन वर्षीय डिप्लोमा या बीई/बीटेक की डिग्री अनिवार्य की गई है। इसी तरह श्रम, खाद्य और सहकारिता निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना जरूरी होगा। मंत्रालय व मैदानी कार्यालयों में सहायक ग्रेड-3 और डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों के लिए स्नातक के साथ-साथ मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर डिप्लोमा और टाइपिंग दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य शर्त रखी गई है।
दूसरी ओर, वर्दीधारी सेवाओं और फील्ड अमले के लिए भी योग्यता के कड़े मानक तय किए गए हैं। पुलिस, जेल, वन, आबकारी और परिवहन विभाग के मैदानी वर्दीधारी पदों पर भर्ती के लिए 12वीं पास होने के साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करनी होगी। राजस्व पटवारी और छात्रावास अधीक्षक (हॉस्टल वार्डन) के लिए 12वीं कक्षा के साथ कंप्यूटर डिप्लोमा जरूरी रखा गया है। वहीं भृत्य, चौकीदार, माली और वार्ड ब्वॉय जैसे चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता 10वीं पास तय की गई है। शासन ने साफ किया है कि इन सात समूहों का आधार केवल भर्ती की शैक्षणिक योग्यता है, न कि कर्मचारियों का वेतन स्तर।























