भोपाल/रायपुर:
दीपावली के त्योहार से पहले मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों व पेंशनर्स ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर अपनी-अपनी सरकारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों का डीए जनवरी 2026 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किए जाने के बावजूद दोनों राज्यों में कर्मचारियों को अब भी 58 प्रतिशत की दर से ही भुगतान किया जा रहा है। इसी 2 प्रतिशत के अंतर और एरियर के भुगतान में हो रही देरी के विरोध में मध्य प्रदेश में जहां कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया, वहीं छत्तीसगढ़ में कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर आर-पार की लड़ाई का संकेत दे दिया है।
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मध्य प्रदेश: ‘2% नहीं बढ़ाया तो मनाएंगे काली दिवाली’
राजधानी भोपाल में शासकीय केंद्रीय मुद्रणालय डाक भवन के सामने विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, वाहन चालक यांत्रिकी कर्मचारी संघ सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
अधिकारियों और कर्मचारियों में भेदभाव का आरोप: तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि प्रदेश में अखिल भारतीय सेवा (IAS/IPS) के अधिकारियों को 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि करीब 10 लाख से अधिक राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को महज 58 प्रतिशत पर अटका कर रखा गया है।
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छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों और पेंशनरों को 60% DA देने की मांग, एरियर भुगतान पर भी जोर
त्योहार से पहले आदेश की मांग: कर्मचारी नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि सरकार ने दीपावली से पहले 2 प्रतिशत डीए/डीआर बढ़ोतरी और जनवरी 2026 से अब तक के एरियर का आदेश जारी नहीं किया, तो प्रदेश भर के कर्मचारी इस बार ‘काली दीपावली’ मनाने और आगामी दिनों में कामकाज ठप करने को मजबूर होंगे।
छत्तीसगढ़: मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ में भी 60 प्रतिशत महंगाई भत्ते की मांग को लेकर हलचल तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने राज्य के शासकीय सेवकों और पेंशनरों को केंद्र के समान तत्काल 60 प्रतिशत डीए स्वीकृत करने की मांग की है।
आर्थिक नुकसान की भरपाई की मांग: संघ के अध्यक्ष चन्द्रकांत पाण्डेय ने मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को ज्ञापन सौंपकर बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) ने 22 अप्रैल 2026 को आदेश जारी कर 1 जनवरी 2026 से डीए 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया था। छत्तीसगढ़ में अभी भी 58% मिलने के कारण कर्मचारियों को हर महीने आर्थिक क्षति हो रही है।
स्थायी नीति बनाने पर जोर: संघ ने मांग रखी है कि राज्य के कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से ही 60 प्रतिशत डीए का लाभ और लंबित अवधि का एरियर एकमुश्त दिया जाए। साथ ही, भविष्य में केंद्र द्वारा डीए बढ़ाए जाने पर राज्य में भी स्वतः और समयबद्ध निर्णय लेने की एक स्थायी व पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
दोनों राज्यों में लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें अब सरकार के रुख पर टिकी हैं कि क्या त्योहार से पहले 2% बढ़ोतरी का तोहफा मिलता है या फिर आंदोलन और उग्र रूप लेगा।


