नई दिल्ली। त्योहारी सीजन के दौरान आम जनता की सेहत और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा कदम उठाया है। नियामक ने सभी खाद्य कारोबार संचालकों (FBO) को खोया, पनीर, दूध, मांस और मछली जैसी जल्दी खराब होने वाली खाद्य वस्तुओं का परिवहन केवल नियंत्रित तापमान (Controlled Temperature) वाली परिस्थितियों में ही करने का सख्त निर्देश दिया है। इसके साथ ही राज्यों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कड़ी निगरानी रखने और लापरवाही पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
पूरी सप्लाई चेन में तापमान और स्वच्छता मानक अनिवार्य
FSSAI द्वारा जारी ताजा एडवाइजरी के मुताबिक, खाद्य कारोबारियों को स्रोत (खरीद) से लेकर अंतिम उपभोक्ता तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) के दौरान स्वच्छता और तापमान का कड़ाई से पालन करना होगा।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम, 2011’ की अनुसूची-4 के तहत तय स्वच्छता और सफाई संबंधी निर्देशों का पालन अनिवार्य है। परिवहन और भंडारण के दौरान निर्धारित तापमान बनाए रखना लाइसेंस की अनिवार्य शर्तों में शामिल है।
तापमान बिगड़ा तो तेजी से पनपते हैं बैक्टीरिया
नियामक ने अपनी एडवाइजरी में रेखांकित किया कि खोया, पनीर, मांस और मछली जैसी चीजें अत्यधिक संवेदनशील होती हैं।
यदि इन्हें तय तापमान पर न रखा जाए, तो इनमें हानिकारक सूक्ष्मजीव (Microorganisms/Bacteria) तेजी से पनपते हैं, जिससे सामग्री जल्दी सड़ जाती है।खराब या दूषित खाद्य सामग्री बाजार में पहुंचने से उपभोक्ताओं में फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
जब्ती के साथ होगी कानूनी कार्रवाई
FSSAI ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों व प्रवर्तन टीमों को फील्ड में औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई कारोबारी या ट्रांसपोर्टर नियमों की अनदेखी करता पाया जाता है, तो: खराब या संदिग्ध तापमान में ले जाई जा रही खाद्य सामग्री को तत्काल जब्त कर नष्ट किया जाएगा।संबंधित खाद्य कारोबारी का लाइसेंस रद्द करने सहित खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


