नई दिल्ली: त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार के 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में होने वाली बढ़ोतरी पर टिक गई हैं। लगभग 50 लाख सेवारत कर्मचारी और 65 लाख से अधिक पेंशनर्स 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाले डीए संशोधन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अक्टूबर के पहले पखवाड़े में नवरात्रि और दशहरा होने के कारण यह कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्र सरकार त्योहारी सौगात के रूप में जल्द ही इसका औपचारिक ऐलान कर सकती है।
अक्टूबर या दिवाली तक घोषणा की उम्मीद
केंद्र सरकार आमतौर पर जुलाई से प्रभावी होने वाले महंगाई भत्ते की घोषणा सितंबर के अंत या अक्टूबर के महीने में करती है। यदि नवरात्रि अथवा दशहरे के आसपास कैबिनेट से इसे मंजूरी नहीं मिलती है, तो दिवाली से पहले कर्मचारियों को यह खुशखबरी मिलना तय माना जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घोषणा चाहे जिस तारीख को भी हो, बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2026 से ही प्रभावी मानी जाएंगी। इसका सीधा मतलब यह है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को पिछले महीनों का बकाया एरियर भी वेतन और पेंशन के साथ एकमुश्त मिलेगा।
महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर 64% होने का अनुमान
वर्तमान व्यवस्था के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी का 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के जुलाई के ताजा आंकड़ों के 153.2 के स्तर पर पहुंचने के आधार पर गणना की जाए, तो डीए में 4 प्रतिशत की सीधी बढ़ोतरी की संभावना बन रही है। इस इजाफे के बाद कुल महंगाई भत्ता बढ़कर 64 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।
जब तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता और वे पूरी तरह लागू नहीं होतीं, तब तक यह संशोधन 7वें वेतन आयोग की मौजूदा व्यवस्था और फॉर्मूले के तहत ही किया जाएगा। हालांकि, महंगाई भत्ते में सटीक वृद्धि और इसके भुगतान की आधिकारिक पुष्टि केंद्रीय मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में लिए जाने वाले फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।























