वक़्फ़ बोर्ड द्वारा मुतवल्ली को पद से हटाए जाने संबंधी कारण बताओ नोटिस जैसे कागजी कार्यवाही से परेशान होकर माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जहाँ उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता हनीफ़ खान को ट्रिब्यूनल जाने की आदेश देकर तगड़ा झटका दिया है।
याचिकाकर्ता हनीफ खान पुत्र रज्जाक खान, मुतवल्ली जामा मस्जिद मुस्लिम ट्रस्ट कवर्धा द्वारा अपने मुतवल्ली कार्यकाल में जामा मस्जिद कवर्धा की वक़्फ़ सम्प्पति पर 3 दुकान आंबटन कर दिया था जिसके खिलाफ कवर्धा के अजमल खान द्वारा 7 दुकान बनाये जाने के लिए वक़्फ़ बोर्ड को आवेदन किया और हनीफ खान द्वारा लगातार वक़्फ़ बोर्ड के आदेश की अवहेलना और मनमानी के खिलाफ वक़्फ़ बोर्ड ने
दिनांक 18/3/2026 को काम रोकने पत्र,दिनांक 25/3/2026 को काम रोकने का पत्र, दिनांक 24/4/2026 को पद से हटाने का पत्र,दिनांक 22/4/2026 को थाना प्रभारी को मुतवल्ली हनीफ खान पर कार्यवाही पत्र लिखा था,
वक़्फ़ बोर्ड के बारम्बार आदेश के बावजूद काम नही रोकने के खिलाफ अजमल खान द्वारा वक़्फ़ ट्रिब्यूनल में मामला पेश किया गया जो विचारधीन है।
परंतु हनीफ़ खान द्वारा बिना ट्रिब्यूनल के आदेश आये,अपने खिलाफ आये समस्त आदेशो से निजात पाने उच्च न्यायालय में मामला पेश किया था, जिसे माननीय न्ययालय ने दिनांक 29/4/2026 को यह कहते हुए खारिज़ कर दिया कि हनीफ़ खान अगर वक़्फ़ बोर्ड ट्रिब्यूनल में आवेदन पेश करे, और आवेदन करने पर ट्रिब्यूनल 1 माह में निराकरण करके उचित आदेश पारित करें।

