रायपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया और वैधानिक उपायों की अनदेखी करने पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध वैधानिक उपायों—विशेषकर द्वितीय अपील के विकल्प—का उपयोग किए बिना सीधे हाई कोर्ट का रुख करना उचित नहीं है।
अदालत ने सुनवाई के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दिया कि याचिकाकर्ताओं ने बिना किसी पूर्व वैधानिक प्रक्रिया के सीधे अदालत में याचिकाएं दाखिल कर दी थीं और याचिकाओं में इस संबंध में कोई आवश्यक घोषणा भी नहीं की गई थी। इन महत्वपूर्ण कानूनी और प्रक्रियागत पहलुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए, हाई कोर्ट ने सभी संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इस फैसले से साफ हो गया है कि न्यायिक प्रक्रिया में तय नियमों और चरणों का पालन करना अनिवार्य है।


