प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह 11 बजे अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित करते हुए इसे देशवासियों के निरंतर प्रयासों और अमूल्य योगदान को नमन करने की एक पावन तीर्थ यात्रा बताया। आगामी त्योहारों के मद्देनजर उन्होंने पूरे देश में दिवाली और छठ महापर्व पर विशेष साफ-सफाई रखने का संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने पंजाब की संस्था ‘खेती विरासत मिशन’ का उल्लेख किया, जिसने मालवा क्षेत्र में ‘नव-त्रिन्जन’ पहल के तहत प्राकृतिक कपास की ऑर्गेनिक खेती को नई दिशा दी है। इस अभिनव प्रयास के जरिए बिना किसी रासायनिक खाद के प्राकृतिक रंगों वाली कपास उगाई जा रही है, जिससे तैयार धागों और वस्त्रों को अलग से रंगने के लिए रसायनों के इस्तेमाल की आवश्यकता नहीं पड़ती।
पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण का प्रेरणादायी उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल की सूखती ‘हेवल’ नदी के पुनर्जीवन की चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस तरह स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर बारिश का पानी सहेजने, भूजल रिचार्ज करने और सघन पौधारोपण के सामूहिक अभियान से इस नदी सहित दर्जनों प्राकृतिक जल-स्रोतों को नया जीवनदान दिया है। इसके साथ ही उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ के वैश्विक प्रभाव को रेखांकित करते हुए बताया कि बिहार के पूर्णिया का मखाना अब ग्रीस के बाजारों में बिक रहा है और कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव तक पहुंचाई जा रही है। वहीं महाराष्ट्र में आदिवासी समुदाय द्वारा संचालित ‘शबरी नेचुरल्स’ के स्थानीय उत्पादों की पारंपरिक पैकेजिंग को जापान के प्रतिष्ठित ‘गुड डिजाइन अवॉर्ड’ से नवाजा गया है।
डिजिटल तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं के जुड़ाव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘ई-संजीवनी’ पोर्टल को सुदूर क्षेत्रों के मरीजों के लिए वरदान बताया। उन्होंने अंडमान-निकोबार के बाराटांग द्वीप में जारवा जनजाति के सात वर्षीय बालक और लक्षद्वीप के कल्पेनी में बुजुर्ग मरीज का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से सैकड़ों मील दूर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों ने समय पर सही मार्गदर्शन देकर उनकी जान बचाई।
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ में इस कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह देखा गया, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी रायपुर स्थित भाजपा कार्यालय से रवाना होकर अभनपुर पहुंचे और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकर ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना।


