रायपुर:
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को 100% सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य निर्वाचन तंत्र ने एक बार फिर विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को तेज कर दिया है। पिछले सर्वे के दौरान जो मतदाता अपने पते पर अनुपस्थित पाए गए थे या जिनका पता बदल चुका था, उनकी वास्तविक स्थिति जांचने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) एक बार फिर घर-घर दस्तक देंगे।
पूरे प्रदेश में ऐसे लगभग 19.13 लाख मतदाताओं की पहचान की गई है, जिनके नाम और पते की जमीनी तस्दीक करने का जिम्मा बीएलओ को सौंपा गया है।
क्या पाकिस्तान में पेट्रोल 392 रुपये और डीजल 399 रुपये के पार पहुंच गया, जिससे अर्थव्यवस्था चरमरा गई है?
SIR के बाद 24.99 लाख नाम कटे, 6 लाख से अधिक मृत पाए गए
राज्य में मतदाता सूची के शुद्धिकरण के पहले चरण में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए थे। आंकड़ों के मुताबिक: लगभग 24.99 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर किए गए। इनमें से 6 लाख से अधिक नाम ऐसे थे, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी लेकिन सूची में दर्ज थे। शेष नाम स्थायी रूप से स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि (डुप्लीकेट वोटर) या अनुपस्थित पाए गए लोगों के थे।
छत्तीसगढ़ में 7 अक्टूबर को निकलेगी ‘सेवा ज्योति यात्रा’: हर विधानसभा में मशाल व बाइक रैली, ब्लॉक स्तर पर बनेगी योजनाओं की रंगोली
इस बार क्या करेंगे BLO? मुख्य कार्ययोजना
अभियान के तहत बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम गलतफहमी में न कटे:
-
पुरानी और नई सूची की क्रॉस-चेकिंग: बीएलओ SIR से पहले की मूल मतदाता सूची और SIR के बाद बनी संशोधित सूची का आमने-सामने मिलान करेंगे।
-
भौतिक सत्यापन (Physical Verification): 19.13 लाख चिन्हित मतदाताओं के घर जाकर यह परखा जाएगा कि व्यक्ति वास्तव में उसी पते पर रह रहा है या अन्यत्र शिफ्ट हो चुका है।
-
दस्तावेजों और प्रविष्टियों का मिलान: मतदाता सूची में दर्ज नाम, उम्र और पते की सटीक पुष्टि की जाएगी।
‘छत्तीसगढ़ महतारी’ के चित्र को मिला कॉपीराइट: अब बिना अनुमति नहीं होगा इस्तेमाल, चित्रकार ईश्वर साहू को मिला कानूनी अधिकार
पात्र का नाम न छूटे, फर्जी पर लगे रोक
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का उद्देश्य स्पष्ट है कि राज्य में कोई भी पात्र नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे। दोबारा सत्यापन से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो पहले चरण के दौरान काम के सिलसिले में बाहर थे या घर पर ताला लगा होने की वजह से अनुपस्थित दर्ज हो गए थे।
वहीं दूसरी ओर, जो लोग हमेशा के लिए पलायन कर चुके हैं या जिनके नाम दो जगहों पर दर्ज हैं, उन्हें नियमानुसार नोटिस देकर सूची से हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।























