नई दिल्ली। भारत सरकार का युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ‘माई भारत’ अभियान के तहत देश भर में ‘वंदे मातरम शिविरों’ का आयोजन करने जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करना है। इस श्रृंखला का पहला शिविर पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 24 से 30 जून, 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जो बंकिम चंद्र चटर्जी की जयंती के अवसर पर शुरू होगा।
ये सात-दिवसीय आवासीय शिविर विकसित भारत@2047 की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इसका उद्देश्य युवाओं को भारत की संवैधानिक और लोकतांत्रिक परंपराओं से रूबरू कराना, उनमें नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और राष्ट्र-उन्मुख नेतृत्व तैयार करना है।
देश के चिन्हित जिलों में कुल 20 शिविर आयोजित किए जाएंगे। हर शिविर में 15 से 29 वर्ष की आयु के 150 युवा शामिल होंगे, जिससे कुल 3,000 युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा। प्रत्येक शिविर में छह राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिसमें पूर्वोत्तर भारत का प्रतिनिधित्व अनिवार्य होगा। साथ ही, महिलाओं और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की भागीदारी कम से कम 50 प्रतिशत सुनिश्चित की गई है।
सप्ताह भर चलने वाले इन शिविरों में कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें ‘वंदे मातरम’ का महत्व, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका और संविधान एवं नागरिक कर्तव्यों पर चर्चा शामिल है। इसके अलावा, भाषा, भोजन और खेलों के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान, ऐतिहासिक स्थलों का दौरा, राष्ट्र प्रथम संवाद, तात्कालिक भाषण प्रतियोगिताएं और सामुदायिक एकजुटता पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी।
यह पहल युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता को राष्ट्र-निर्माण के आदर्शों से जोड़ने के लिए मंत्रालय की एक प्रतिबद्ध कोशिश है। ये शिविर न केवल युवाओं को जागरूक बनाएंगे, बल्कि उन्हें क्षेत्रीय और भाषाई सीमाओं से ऊपर उठकर एक सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेंगे।

