कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और छात्र हित में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं:
NEET और JEE की स्कूलों में ही ऑनलाइन कोचिंग
जिले के सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ रहे कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों के लिए मेडिकल (NEET) और इंजीनियरिंग (JEE) प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी हेतु ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सभी संबंधित स्कूलों में पृथक (अलग) कक्ष, बड़ी स्क्रीन (डिस्प्ले), हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी और आवश्यक संसाधनों का इंतजाम समय पर पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही रायपुर में नीट एवं जेईई की तैयारी कर रहे जिले के विद्यार्थियों की भी मॉनिटरिंग की जाएगी और उन्हें नियमित टेस्ट सीरीज उपलब्ध कराई जाएगी।
छात्राओं के लिए सैनिटरी पैड वितरण
15वें वित्त आयोग की स्वच्छता मद का उपयोग करते हुए जिले के सभी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की बालिकाओं को सैनिटरी पैड बांटे जाएंगे और इसके रखरखाव की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षकों की कमी दूर करने 26 अतिथि व्याख्याताओं की स्वीकृति
हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से 26 अतिथि शिक्षकों की स्वीकृति दी गई है। भर्ती प्रक्रिया को ‘शाला विकास समिति’ के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ जल्द पूरा करने को कहा गया है।
विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) के बच्चों पर विशेष ध्यान
आश्रम और छात्रावासों के उन बच्चों की सूची तैयार होगी जो 5वीं, 8वीं, 9वीं और 11वीं उत्तीर्ण कर अगली कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले हैं। उन्हें प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा। यदि कोई बच्चा पढ़ाई छोड़ने की स्थिति में है, तो उसके माता-पिता से संपर्क कर उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।
स्कूलों में आधारभूत संरचना का विकास
‘वीबी जी राम जी’ योजना के अंतर्गत 300 स्कूलों में तथा नगरीय क्षेत्रों में DMF मद से छात्राओं के लिए अलग शौचालय बनाए जाएंगे। इसके अलावा बिजली, पेयजल, भवन मरम्मत, साफ-सफाई, फर्नीचर और अतिरिक्त कमरों के निर्माण कार्य समय सीमा में पूरे किए जाएंगे।
छात्र कल्याण और प्रशासनिक निर्देश
निःशुल्क साइकिल वितरण योजना के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाली साइकिलों की गुणवत्ता वितरण से पहले अनिवार्य रूप से जांची जाएगी। जिन विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र बन चुका है, उनके पहचान संबंधी दस्तावेजों की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। साथ ही, रिटायर होने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति के दिन ही PPO, GPO प्राधिकार पत्र व अन्य सभी दस्तावेज सौंप दिए जाएंगे।

