नई दिल्ली: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत की ‘नारी शक्ति’ के नाम एक विशेष पत्र साझा किया है, जिसमें उन्होंने विधायी निकायों (लोकसभा और राज्य विधानसभाओं) में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने की अपनी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दशकों से लंबित पड़ा यह ऐतिहासिक निर्णय अब वास्तविकता बनने की ओर अग्रसर है, जिसकी सराहना देशभर की माताएं, बहनें और बेटियां कर रही हैं।
2029 के चुनावों से लागू होगा आरक्षण
अपने पत्र और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर साझा किए गए संदेश में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2029 के लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों से महिला आरक्षण को पूरी तरह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि महिलाओं को नीति-निर्धारण के केंद्र में लाने का एक मिशन है।
दशकों पुराना संकल्प होगा साकार
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि महिला आरक्षण का विषय दशकों से राजनीति के गलियारों में लंबित था, लेकिन वर्तमान सरकार इसे धरातल पर उतारने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने अपने पत्र में देशवासियों के साथ अपनी भावनाएं साझा करते हुए बताया कि कैसे यह निर्णय विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति की भागीदारी को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
राष्ट्रव्यापी समर्थन और सराहना
प्रधानमंत्री ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस पहल को पूरे भारत में महिलाओं का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। उन्होंने लिखा, “भारत की ‘नारी शक्ति’ के नाम मेरा यह पत्र, उस संकल्प को पूरा करने की हमारी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराता है जिसे लंबे समय तक टाला गया था।” यह पत्र नारी शक्ति के प्रति सम्मान और उनके राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
क्या असुरक्षित है छत्तीसगढ़ का एडवेंचर? : केंद्र का ‘रेड सिग्नल’ ,राष्ट्रीय सूची में छत्तीसगढ़ का स्कोर ‘जीरो’, अब बिना कड़े नियमों के नहीं चलेगा एडवेंचर का खेल

