रायपुर: छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला अपनी प्राकृतिक संपदा, घने जंगलों और मनमोहक पहाड़ों के लिए जाना जाता है। इन्हीं खूबसूरत वादियों के बीच स्थित है ‘रानीदाह जलप्रपात’, जो इन दिनों अपनी अलौकिक सुंदरता, शांत वातावरण और ऐतिहासिक लोककथाओं के कारण देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। जशपुर नगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर बसा यह पर्यटन स्थल प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफी के शौकीनों और रोमांच पसंद करने वाले युवाओं के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
रानीदाह तक पहुँचने का सफर भी अपने आप में बेहद रोमांचक और यादगार अनुभव देता है। चारों तरफ हरियाली से आच्छादित पहाड़ियों, घने साल (सखुआ) के जंगलों और घुमावदार खूबसूरत सड़कों से गुजरते हुए पर्यटक जैसे ही इस स्थल पर कदम रखते हैं, वैसे ही ऊँची चट्टानों से गिरती दूधिया जलधारा उनका स्वागत करती है। चारों ओर फैली हरी-भरी वादियाँ और पक्षियों का मधुर कलरव यहाँ आने वाले लोगों के मन को असीम सुकून से भर देता है। विशेषकर वर्षा ऋतु में यह जलप्रपात अपने पूरे शबाब पर होता है, जब पानी कई धाराओं में विभाजित होकर ऊँचाई से नीचे गिरता है और एक जादुई प्राकृतिक दृश्य प्रस्तुत करता है।
क्या है रानीदाह के नाम की कहानी? जानिए इसके पीछे की ऐतिहासिक लोककथा
रानीदाह केवल अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोककथाओं और ऐतिहासिक जनश्रुतियों के लिए भी गहराई से जाना जाता है। प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, सदियों पहले ओडिशा की राजकुमारी रानी शिरोमणि इन पहाड़ियों तक पहुँची थीं। जब उनके पिता और पाँच भाई उनका पीछा करते हुए यहाँ आए, तब राजकुमारी ने अपने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए इसी गहरी खाई में छलांग लगाकर अपने प्राण त्याग दिए थे। तभी से इस स्थान का नाम ‘रानीदाह‘ पड़ा, जिसका अर्थ ‘रानी का जलप्रपात‘ होता है। आज भी झरने के पास स्थित कुछ विशेष चट्टानों को स्थानीय लोग ‘पाँच भैया‘ के नाम से जानते हैं, जिन्हें राजकुमारी के पाँच भाइयों का प्रतीक माना जाता है। यह अमर कहानी आज भी जशपुर की सांस्कृतिक विरासत का एक अहम हिस्सा है।
वीकेंड और पिकनिक के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन, जशपुर पर्यटन को मिल रही नई पहचान
अपने शांत वातावरण और बेहद स्वच्छ प्राकृतिक परिवेश के कारण रानीदाह जलप्रपात परिवारों, युवाओं और ट्रेकर्स के लिए एक आदर्श पिकनिक स्पॉट बन चुका है। वीकेंड और छुट्टियों के दिनों में यहाँ प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताने और यादगार फोटोग्राफी करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुँचते हैं।
राज्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों के कायाकल्प पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के रानीदाह जैसे प्राकृतिक अजूबों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि आप भी शहरी भागदौड़ से दूर प्रकृति की अनूठी छटा, शांत माहौल और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति का जीवंत अनुभव एक साथ लेना चाहते हैं, तो जशपुर का रानीदाह जलप्रपात आपकी ट्रेवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए।


