वेतन भुगतान नहीं होने कि स्थिति में DPI का होगा घेराव, प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी: विनय मौर्य
रायपुर। विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप के नाम पर शिक्षकों का वेतन रोके जाने के मामले में सर्व शिक्षक संघ ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने इसे शिक्षकों का आर्थिक एवं मानसिक उत्पीड़न बताते हुए शासन के इस रवैये को पूरी तरह अनुचित और तानाशाहीपूर्ण करार दिया है।
प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में लगे हुए हैं। यदि किसी तकनीकी कारण, नेटवर्क समस्या या अन्य व्यावहारिक कठिनाई के चलते VSK ऐप का उपयोग प्रभावित होता है, तो उसकी आड़ में शिक्षकों का वेतन रोकना न्यायसंगत नहीं है। वेतन किसी कर्मचारी का वैधानिक अधिकार है, जिसे किसी तकनीकी प्रक्रिया से जोड़कर रोका नहीं जा सकता।
प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने चेतावनी दी कि “यदि VSK ऐप के नाम पर वेतन रोकने का आदेश तत्काल वापस नहीं लिया गया तथा लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो सर्व शिक्षक संघ लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) का घेराव करेगा और प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और शासन की होगी।”
प्रवक्ता मोहम्मद यासीर इरफ़ान ने कहा कि “वेतन रुकने से शिक्षकों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। शासन को शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करना चाहिए। अगर सरकार इसी तरह अनुचित आदेश प्रसारित करती हैं तो शिक्षक संवर्ग सभी संगठन एक होकर विरोध करेंगें।
कोषाध्यक्ष प्रकाश स्वर्णकार ने स्पष्ट किया कि “सर्व शिक्षक संघ शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा तथा किसी भी प्रकार के अन्याय को स्वीकार नहीं करेगा।”
सर्व शिक्षक संघ के प्रांतीय सचिव विनय मौर्य ने कहा कि “VSK एप्प कि तकनीकी परेशानियों को दुर किए बिना शिक्षक संवर्ग कि वेतन रोकने कि बात अन्यायपूर्ण हैं अगर विभाग इस तरह के आदेश को वापस नहीं लेता तो हमें जल्द विभाग के खिलाफ आवाज़ उठाना पड़ेगा। विभाग के अधिकारियों को पहले से शिक्षक संवर्ग से बैठकर उसकी तकनीकी चीज़ो और कमियों के बारे मे चर्चा उस खामियों को दुर करना चाहिए।”
सर्व शिक्षक संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों और जिला टीम से प्रकाश स्वर्णकार, ज्योति चंद्रवंशी, महेश पाण्डेय, कीर्ति लहरे, महेंद्र चंद्राकर,अभय पाण्डेय, बालेश्वर रजवाड़े, शंकर राठौर, आशीष पाण्डेय, समोद दुबे, सीमा देवांगन, अभिषेक शर्मा,अजय पाण्डेय लोकनाथ सेन, , बद्रीका भोई, ओमप्रकाश साहू, सिद्धार्थ चतवारे, आभाष श्रीवास, नेपाल साहू, लिंगराज चौधरी, गोपाल विश्वकर्मा, डैनी वर्मा, जितेंद्र काठले, अमित जैन, अमित खरे, दीपक सोनी, आशीष थावरे , प्रकाश महापात्र, अजय देवांगन, आर पी सिंह, ठाकुर मनमोहन सिंह, महेंद्र बहादुर विपिन गहवई, विपिन ओझा, यशवंत साहू अरुण साहू , भूपेंद्र देवांगन , दीपमाला साहू, देवेंद्र सोनी, गुलमोहन वर्मा, हेमंत भुआर्य जीतेन्द्र साहू,ज्योति राज पाण्डेय, कमलेश घृतलहरे, लम्बोदर ठाकुर, लोकेश बंदे, मनोज गावरे, नम्रता राजपूत, नयन केशरी, ओमन मारकंडे, ओमप्रकाश दामले,प्रणिता शर्मा, तिवारी राजेंद्र शर्मा, रुपधर पटेल,तामेश गजेंद्र, विजय सिंह, विकास सिन्हा समेत सारे प्रांतीय पदाधिकारियों और जिलाध्यक्ष ने अपने संगठन के फैसले मे सहमति दी और एकजुट होकर शिक्षक के हक़ मे आवाज़ उठाकर शिक्षक एकता की मिसाल देने की बात कही और चेतावनी दिया कि जरूरत पड़ी तो संगठन के साथ घेराव भी किया जाएगा।

