जशपुरनगर। राजनीति जब राजप्रासाद की चहारदीवारी से निकलकर माटी की सौंध में घुलती है, तो जनसेवक का एक अनूठा रूप सामने आता है। कुछ ऐसा ही नजारा विधानसभा कुनकुरी के ग्राम पंचायत बासनताला में देखने को मिला, जब जन-संपर्क अभियान पर निकले भाजयुमो जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव ने प्रोटोकॉल और राजसी पहचान को किनारे रख खेत की कीचड़ में कदम बढ़ा दिए।
सड़क किनारे ग्रामीणों को धान की रोपाई करते देख जूदेव खुद को रोक न सके। उन्होंने न केवल खेत में उतरकर किसानों से रोपाई का पारंपरिक हुनर सीखा, बल्कि हाथों में धान के पौधे थामकर खुद भी रोपाई की। जशपुर राजपरिवार के सदस्य को अपने साथ खेत में पसीना बहाते देख ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बनता था।

“मिट्टी से जुड़ने का सुख अलौकिक”
श्रमदान के बाद विजय आदित्य सिंह जूदेव ने किसानों के साथ खेत की मेढ़ पर बैठकर आत्मीय माहौल में दोपहर का भोजन साझा किया। इस दौरान उन्होंने कहा, “अपनी माटी से जुड़ने और अपनों के बीच समय बिताने का जो आनंद है, वह अमूल्य है। सहकार, अपनत्व और सादगी ही हमारी छत्तीसगढ़िया संस्कृति का मूल आधार है।”
HIV नियंत्रण के ’95-95-95′ राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना एमसीबी
विजय आदित्य की इस सहजता, सादगी और मिलनसार कार्यशैली ने ग्रामीणों को स्वर्गीय पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री दिलीप सिंह जूदेव की जनप्रिय शैली की याद दिला दी। ग्रामीणों ने कहा कि अपनेपन का यही अंदाज जूदेव परिवार को क्षेत्र की जनता से दिल से जोड़ता है।
किसानों को दी सरकारी योजनाओं की जानकारी भोजन के बाद चौपाल चर्चा के दौरान भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार द्वारा चलाई जा रही किसान-कल्याणकारी नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसान सम्मान निधि, समय पर खाद-बीज की उपलब्धता, केसीसी से आसान ऋण और डबल इंजन सरकार की अन्य योजनाओं के फायदों के बारे में विस्तार से बताया।
इस भावुक और आत्मीय पल के दौरान बासनताला उपसरपंच हेमंत यादव, कुनकुरी ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।























