1 मीटर ऊंची बाउंड्री वॉल से रुकेगा मवेशियों का प्रवेश, सुरक्षित सफर के लिए बनेंगे एकसमान मानक
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक्सप्रेसवे के अलावा अन्य सभी उच्च गति पहुंच-नियंत्रित (Access-Controlled) राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए व्यापक और नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन मानकों का मुख्य उद्देश्य आगामी 4/6 लेन वाले ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर्स के निर्माण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और सुरक्षा पैमानों में एकरूपता लाना है, ताकि देश भर में लॉजिस्टिक्स लागत को घटाया जा सके और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।
अब एक्सप्रेसवे की तर्ज पर अन्य हाईवे भी होंगे सुरक्षित वर्तमान में एक्सप्रेसवे के अलावा अन्य हाई-स्पीड एक्सेस-कंट्रोल हाईवे के लिए अलग से कोई केंद्रीयकृत मानक नहीं थे, जिसके चलते डीपीआर तैयार करने में असमानताएं देखी जा रही थीं। नए दिशा-निर्देशों से तकनीकी स्थिरता आएगी। इसके तहत चालकों को एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स की अग्रिम सूचना देने के लिए विशेष साइनेज व डिस्प्ले के प्रावधान किए गए हैं, ताकि तेज रफ्तार गाड़ियों का सुरक्षित आवागमन हो सके।
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ट्रैफिक के हिसाब से तय होगी हाईवे की चौड़ाई (राइट ऑफ वे) एनएचएआई ने वाहनों के दबाव के आधार पर लेन और जमीन की चौड़ाई मानकीकृत की है:
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15,000 वाहनों तक: 4-लेन हाईवे और 4-लेन स्ट्रक्चर वाले कॉरिडोर्स के लिए चौड़ाई 60 मीटर होगी।
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15,000 से 25,000 वाहनों तक: 4-लेन हाईवे लेकिन 6-लेन स्ट्रक्चर वाले कॉरिडोर्स के लिए चौड़ाई 70 मीटर निर्धारित की गई है।
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25,000 से 40,000 वाहनों तक: 6-लेन हाईवे और 6-लेन स्ट्रक्चर वाले व्यस्ततम कॉरिडोर्स के लिए भी 70 मीटर की चौड़ाई तय की गई है।
1 मीटर ऊंची चारदीवारी से रुकेगा मवेशियों और अवैध वाहनों का दखल हाई-स्पीड कॉरिडोर्स पर हादसों को रोकने और अनधिकृत प्रवेश पर पूरी तरह लगाम कसने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं:
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हाईवे के दोनों बाहरी किनारों पर 1 मीटर ऊंची मजबूत बाउंड्री वॉल (चारदीवारी) का निर्माण अनिवार्य किया गया है, जिससे मवेशी या अनधिकृत वाहन अचानक मुख्य मार्ग पर न आ सकें।
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एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे के साथ-साथ एयरपोर्ट, पोर्ट्स, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP), प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले चौराहों पर रैंप के साथ विशेष इंटरचेंज बनाए जाएंगे ताकि निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सके।























