शिवरीनारायण। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन का दो दिवसीय संगठन समीक्षा, संवाद एवं संकल्प अधिवेशन तेंदुआधाम, शिवरीनारायण स्थित राम मिलेंगे आश्रम में संपन्न हुआ। प्रदेशभर के ब्लॉक अध्यक्षों, जिलाध्यक्षों एवं प्रदेश पदाधिकारियों की उपस्थिति में संगठन की मजबूती, शिक्षकों की समस्याओं और आगामी रणनीति पर गंभीर मंथन हुआ।
अधिवेशन का प्रमुख मुद्दा ‘मोदी की गारंटी’ में शिक्षकों से किए गए वादों को पूरा कराना रहा। फेडरेशन ने निर्णय लिया कि पहले विभागीय मंत्री से वार्ता की जाएगी, समाधान न होने पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

*विभागीय टीईटी पर 15 दिवस में सकारात्मक पहल की अपेक्षा*
अधिवेशन में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि फेडरेशन शिक्षा विभाग से अपेक्षा करता है कि 15 दिवस के भीतर विभागीय टीईटी का कार्यक्रम घोषित करने की दिशा में ठोस पहल की जाए। फेडरेशन का मानना है कि समय पर परीक्षा कार्यक्रम घोषित होने से हजारों शिक्षकों में विश्वास बढ़ेगा और शासन-प्रशासन के प्रति सकारात्मक वातावरण बनेगा।
फेडरेशन ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य संघर्ष नहीं, समाधान है। हम संवाद के माध्यम से ही हर मुद्दे का हल चाहते हैं।
जल्द विभागीय मंत्री से मिलकर टीईटी विभागीय परीक्षा कार्यक्रम घोषित करवाने की पहल की जाएंगी साथ ही मोदी की गारंटी को पूरा करने की अपील करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने कहा, “हमारा संगठन केवल संगठन नहीं, हमारा परिवार है।” उन्होंने पदाधिकारियों से शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और संगठन को शिक्षक हितों का सशक्त माध्यम बनाने का आह्वान किया।
*गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार पर जोर*
अधिवेशन में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उनके सर्वांगीण विकास और बेहतर शैक्षणिक वातावरण पर विशेष सत्र हुआ। विद्यालयों में नवाचार करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘फेडरेशन शिक्षक सम्मान’ शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया।
*पदाधिकारियों का प्रशिक्षण*
संगठनात्मक विकास, नेतृत्व कौशल, अनुशासन, आंदोलन की रणनीति जैसे विषयों पर बसंत कौशिक, कौशल अवस्थी, सुरजीत सिंह चौहान, अश्वनी कुमार कुर्रे, सिराज बख्श, राजू टंडन, देवेंद्र हरमुख एवं शेषनाथ पाण्डेय ने मार्गदर्शन दिया। दिलीप लहरे एवं यशवंत दुबे ने मीडिया मैनेजमेंट एवं सोशल मीडिया पर प्रशिक्षण दिया।
दूसरे दिन योग सत्र के बाद नेतृत्व कौशल, पदाधिकारियों के दायित्व और कार्ययोजना पर चर्चा हुई। संध्या सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ राम मिलेंगे आश्रम के संस्थापक डॉ. आलोक हरवंश ने आध्यात्मिक शिक्षा एवं श्रीराम कथा पर उद्बोधन दिया।
समापन अवसर पर सभी प्रमुख प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। पदाधिकारियों को स्मृति-चिह्न, डायरी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। व्यवस्था जिला अध्यक्ष जांजगीर हरीश गोपाल, ब्लॉक अध्यक्ष जयप्रकाश कश्यप एवं उनकी टीम ने संभाली। संचालन कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बसंत कौशिक एवं प्रदेश महासचिव आदित्य गौरव साहू ने किया।
फेडरेशन ने स्पष्ट कर दिया है — पहले संवाद, फिर समाधान। अब नजर सरकार के अगले कदम पर है, क्योंकि शिक्षकों का सवाल अब केवल वादे का नहीं, उस वादे पर भरोसे का है।























