बलरामपुर:
जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एम.आर. यादव की सक्रियता और कुशल मार्गदर्शन के चलते शिक्षकों और कर्मचारियों के कार्य अब बिना किसी परेशानी और सरलता से हो रहे हैं, जिससे शिक्षक वर्ग में प्रसन्नता का माहौल है।
कार्यालयों में लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक अव्यवस्था (भर्राशाही) और दलाली प्रथा पर पूरी तरह लगाम कस दी गई है।
शिक्षकों की समस्याओं का त्वरित समाधान
कर्मचारियों के GPF (सामान्य भविष्य निधि) और पेंशन से जुड़े कार्य अब बिना किसी अड़चन के आसानी से निपटाए जा रहे हैं।पहले शिक्षकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालय के बेवजह चक्कर काटने पड़ते थे और बिचौलियों का सामना करना पड़ता था, जो अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
लंबित जाँच मामलों और माँगों का समय पर निराकरण होने से शिक्षकों की परेशानी दूर हुई है और वे पूरी तरह संतुष्ट नजर आ रहे हैं।
समय से पहले स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता
पिछले सत्र में हुई असुविधाओं से सबक लेते हुए इस वर्ष प्रशासन ने पुख्ता तैयारियाँ की हैं:. इस वर्ष गर्मी के सीजन में ही सुगमता के साथ विद्यार्थियों को यूनिफ़ॉर्म का वितरण सुनिश्चित किया गया है।जिन स्कूलों में फर्नीचर की कमी थी, वहाँ विद्यालय खुलने से पूर्व ही फर्नीचर उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसके अलावा, जिन स्कूलों में फर्नीचर की मरम्मत की आवश्यकता थी, उन्हें प्राथमिकता से दुरुस्त करवाया गया है।
आधारभूत संरचना और निर्माण कार्य में तेजी
जिला शिक्षा अधिकारी की सक्रियता का असर जिले के स्कूलों के भौतिक विकास पर भी साफ दिखाई दे रहा है: छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में नए कन्या शौचालयों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। जो स्कूल भवन विहीन थे, उनके लिए नई स्वीकृतियाँ जारी करवाकर भवनों का निर्माण शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में 32 में से 20 भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जर्जर और पुराने भवनों के जीर्णोद्धार के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चिन्हित किए गए 132 जर्जर भवनों को तोड़ने (Dismental) की प्रक्रिया एसडीएम की अध्यक्षता में पारदर्शी तरीके से की जा रही है।
जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने और प्रशासनिक पारदर्शिता स्थापित करने में डीईओ एम.आर. यादव की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मैदानी स्तर पर तैनात शिक्षकों को राहत मिलने से जिले का शैक्षणिक माहौल और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

