देशभर के मरीजों और आम जनता के लिए आज का दिन भारी पड़ सकता है। ऑनलाइन दवा बिक्री (ई-फार्मेसी) के विरोध में आज देशभर के करीब 12.4 लाख केमिस्ट और दवा वितरक 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर चले गए हैं। अखिल भारतीय दवा विक्रेता संगठन (AIOCD) के आह्वान पर बुधवार सुबह से ही देश के अलग-अलग हिस्सों में मेडिकल स्टोर के शटर गिरे नजर आ रहे हैं। इस हड़ताल का सबसे बड़ा असर आंध्र प्रदेश में देखा जा रहा है, जहां लगभग 43,000 दवा दुकानें पूरी तरह बंद हैं और केमिस्टों द्वारा विरोध रैलियां निकाली जा रही हैं।
ऑनलाइन दवा बिक्री पूरी तरह गैरकानूनी: AIOCD
AIOCD के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस शिंदे ने इस हड़ताल को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि वर्तमान में इंटरनेट के जरिए दवाओं की जो बिक्री हो रही है, वह पूरी तरह गैरकानूनी है और स्थापित नियमों की धज्जियां उड़ा रही है। शिंदे ने चेतावनी देते हुए कहा कि देश में मजबूत आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का भारी अभाव है, ऐसी स्थिति में ऑनलाइन दवा व्यापार को बढ़ावा देने से ‘दवा माफिया’ सक्रिय हो सकता है, जो सीधे तौर पर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ होगा।
संगठन की तीन बड़ी मांगें और अधिसूचनाओं पर विवाद
दवा विक्रेताओं ने सरकार के सामने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं। संगठन की मांग है कि ऑनलाइन दवा बिक्री को वैध बनाने वाली ‘जीएसआर 817’ अधिसूचना को सरकार तत्काल प्रभाव से रद्द करे। इसके साथ ही, इस ऑनलाइन कारोबार को रोकने के लिए एक बिल्कुल नई और मजबूत नियामक रूपरेखा (Regulatory Framework) तैयार की जाए। केमिस्टों की मांग है कि जब तक नया कानून नहीं बनता, तब तक ऑनलाइन दवाओं की सप्लाई पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसके अलावा, कोरोना महामारी के दौरान लागू की गई ‘जीएसआर 220’ अधिसूचना को भी हटाने की मांग की जा रही है।
भारी डिस्काउंट से पारंपरिक दुकानदारों का धंधा चौपट
हड़ताल की एक बड़ी वजह ऑनलाइन कंपनियों द्वारा ग्राहकों को दी जाने वाली भारी छूट (Discounts) भी है। रिटेल केमिस्टों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के भारी डिस्काउंट के सामने उनका टिकना मुश्किल हो रहा है। संगठन ने मांग की है कि या तो ऑनलाइन मिलने वाली इस छूट पर ताला लगाया जाए, या फिर दवा मूल्य नियंत्रण आदेश (DPCO) में बदलाव करके आम दुकानदारों का प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाया जाए, ताकि वे भी अपने स्तर पर ग्राहकों को बड़ी छूट दे सकें।
राहत की खबर: आपातकालीन दवाएं मिलती रहेंगी
इस महाहड़ताल के बीच आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि जरूरी और आपातकालीन दवाओं की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। AIOCD के अध्यक्ष ने साफ किया है कि मरीजों की जान को खतरे में नहीं डाला जा सकता, इसलिए गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के विशेष इंतजाम किए गए हैं। अस्पताल से जुड़े मेडिकल स्टोर और आपातकालीन काउंटर खुले रहेंगे ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

