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देवघर / रांची:
सावन का पवित्र महीना शुरू होने से ठीक पहले झारखंड के देवघर स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम (रावणेश्वर महादेव) को लेकर पूरे देश के शिवभक्तों के बीच एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। चर्चा है कि इस सावन के बाद भक्त कभी भी बाबा बैद्यनाथ की ‘स्पर्श पूजा’ नहीं कर सकेंगे और मंदिर में जलार्पण के लिए ‘अरघा व्यवस्था’ को स्थायी (Permanent) कर दिया जाएगा।
देशभर से सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ धाम से गंगाजल उठाकर 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करने वाले लाखों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं में इस खबर को लेकर भ्रम और चिंता की स्थिति बन गई है। लेकिन क्या वाकई अब कभी बाबा का स्पर्श नहीं मिलेगा? आइए जानते हैं इस वायरल दावे की हकीकत।
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क्यों शुरू हुई स्थायी अरघा लगाने की चर्चा?
देश के कई प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में अत्यधिक भीड़ और शिवलिंग के क्षरण (घिसने) को रोकने के लिए स्थायी रूप से अरघा व्यवस्था लागू की जा रही है, जहाँ भक्त दूर से ही जल अर्पित करते हैं। देवघर में बाबा बैद्यनाथ का शिवलिंग जमीन से बहुत कम ऊंचाई पर दिखता है। ऐसे में यह आशंका जताई जाने लगी कि यहाँ भी अन्य ज्योतिर्लिंगों की तर्ज पर स्पर्श पूजा हमेशा के लिए रोक दी जाएगी।
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क्या है सच? पंडा धर्मरक्षिणी सभा ने किया स्थिति को साफ
भक्तों के बीच फैली इस असमंजस की स्थिति पर पंडा धर्मरक्षिणी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रशेखर खवाड़े ने विराम लगाया है। उन्होंने इस खबर को महज एक अफवाह करार देते हुए स्पष्ट किया:
सावन के बाद मिलेगी स्पर्श पूजा:
अरघा व्यवस्था केवल सावन महीने के दौरान उमड़ने वाली अप्रत्याशित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए है। सावन खत्म होते ही अरघा हटा लिया जाएगा और श्रद्धालु पहले की तरह स्पर्श पूजा कर सकेंगे।
बायपास/बाह्य अरघा की नई सुविधा:
इस बार भक्तों की सुविधा के लिए मुख्य अरघा के अलावा एक ‘बाह्य अरघा’ (External Argha) भी लगाया गया है। जो भक्त भीड़ में मुख्य मंदिर के अंदर नहीं जाना चाहते, वे निकास द्वार के उत्तर दिशा (जहाँ से बाबा का चरणामृत निकलता है) में लगे इस अरघा के जरिए आसानी से जलार्पण कर सकते हैं।
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सावन 2026: ‘शीघ्रदर्शनम’ कूपन के लिए चुकाना होगा दोगुना शुल्क
सावन के महीने में गर्भगृह तक जल्दी पहुँचने के लिए दी जाने वाली ‘शीघ्रदर्शनम’ (Fast Track) व्यवस्था के नियमों में भी बदलाव लागू रहेगा:
| सुविधा | सामान्य दिन | सावन का महीना (व विशेष पर्व) |
| शीघ्रदर्शनम कूपन दर | ₹300 प्रति व्यक्ति | ₹600 प्रति व्यक्ति |
| जलार्पण व्यवस्था | स्पर्श पूजा / सामान्य कतार | अरघा (मुख्य व बाह्य अरघा) |
विशेष नोट: शीघ्रदर्शनम कूपन लेने वाले भक्तों को कतार में कम समय तो लगता है, लेकिन गर्भगृह के पास पहुँचकर यह लाइन भी सामान्य कतार के साथ ही मिल जाती है।
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यदि आप भी इस सावन देवघर जाने की योजना बना रहे हैं, तो किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। सावन में भीड़ को देखते हुए अरघा से जलार्पण की व्यवस्था रहेगी, लेकिन सावन बीतते ही बाबा भोला के भक्त पुनः स्पर्श पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।

