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रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आज प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और दर्ज प्रकरणों को लेकर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला सरकारी दस्तावेज सामने आया है। विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 17 (क्र. 486) के लिखित जवाब में उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने राज्य में सड़क हादसों का शिकार हुए मृतकों और घायलों की पूरी आधिकारिक जानकारी पटल पर रख दी है।
यहाँ इस सरकारी रिपोर्ट से जुड़े मुख्य और बड़े आंकड़े दिए गए हैं:
शासन-प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2023 से 15 जून 2026 तक की अवधि में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में हुए सड़क हादसों में कुल 3,568 लोगों की जान जा चुकी है। इस अवधि के दौरान दर्ज सड़क दुर्घटनाओं के विभिन्न मामलों में कुल 422 लोग गंभीर या आंशिक रूप से घायल हुए हैं।सरकार ने बताया कि अब तक इन हादसों के शिकार हुए 3,568 मृतकों के संकटग्रस्त परिवारों को 9 करोड़ 11 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति (मुआवजा) राशि बांटी जा चुकी है। इसके अलावा 422 घायलों को भी 51 लाख 80 हजार रुपये की सहायता राशि का भुगतान किया गया है।
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517 मृतकों के परिजनों को अभी भी मुआवजे का इंतजार: सरकारी रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया गया है कि राज्य में अभी भी 517 मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ 29 लाख 25 हजार रुपये की मुआवजा राशि देना बाकी है, जिसमें प्रति मृतक 25,000 रुपये की दर तय है। इसके साथ ही 90 गंभीर घायलों को भी 9 लाख रुपये (10,000 रुपये प्रति व्यक्ति के मान से) देना शेष है।
जब सदन में इन शेष बचे हुए मामलों के भुगतान के लिए एक निश्चित समय-सीमा (तारीख) पूछी गई, तो गृह मंत्री ने अपने लिखित जवाब में स्पष्ट कर दिया कि इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विभाग ने बताया कि इन सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि को रोकने के लिए जिम्मेदार विभागों द्वारा संयुक्त रूप से समीक्षा की जा रही है और ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर ठोस उपायों का निर्धारण करने की दिशा में लगातार कार्य जारी है।
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