रायपुर:
छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी और सिंडिकेट पर नकेल कसने के लिए राज्य पुलिस बड़े स्तर पर कार्ययोजना लागू करने जा रही है। सीआईडी और साइबर सेल की तर्ज पर अब पुलिस मुख्यालय (PHQ) स्तर पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की एक स्वतंत्र विंग तैयार की जाएगी। इसका नेतृत्व डीजी या एडीजी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। शासन को इस नए सेटअप का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जिसकी मंजूरी के बाद चरणबद्ध तरीके से नियुक्तियां शुरू होंगी।
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एडीजी अमित कुमार के नेतृत्व में 25 सदस्यीय शुरुआती टीम
खुफिया प्रमुख एडीजी अमित कुमार को एएनटीएफ की कमान सौंपी गई है। उनके साथ डीआईजी पारुल माथुर और आईपीएस आकाश शुक्ला को टीम में शामिल किया गया है।पहले चरण में 25 अधिकारियों और जवानों की कोर टीम बनाई जाएगी।सेटअप में आईजी, डीआईजी, एसपी, एएसपी, डीएसपी, टीआई से लेकर सिपाही तक के पद शामिल होंगे।शुरुआत में अस्थायी नियुक्तियों के जरिए काम शुरू होगा, जिसके बाद स्थायी भर्ती की जाएगी।
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PHQ से होगी सीधी निगरानी, केंद्रीय एजेंसियों से तालमेल
वर्तमान में जिलों में कार्यरत एएनटीएफ इकाइयां संबंधित जिले के एसपी के अधीन काम कर रही हैं। पीएचक्यू स्तर पर स्वतंत्र विंग बनने से पूरे राज्य में कार्रवाई का समन्वय आसान होगा। यह विंग स्थानीय पुलिस के अलावा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और आबकारी विभाग जैसी केंद्रीय व राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर इनपुट साझा करेगी।
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अंतिम कड़ी पर प्रहार: खेती नष्ट होगी, संपत्ति होगी कुर्क
एएनटीएफ की कार्रवाई केवल ड्रग्स जब्ती या छोटे पैडलर्स तक सीमित नहीं रहेगी:
सप्लाई चेन पर चोट: नेटवर्क की अंतिम कड़ी, यानी नशीले पदार्थों की अवैध खेती करने वालों और मुख्य सप्लायरों की पहचान कर उन्हें दबोचा जाएगा।
वित्तीय कार्रवाई: नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों को कुर्क और नीलाम करने की सख्त प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
फॉलो-अप और जांच: विशेष जांच दल नार्को-नेटवर्क के अंतरराज्यीय कनेक्शन की गहराई से पड़ताल करेगा।
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2029 तक का रोडमैप: ‘नार्को टेररिज्म’ पर निर्णायक प्रहार
छत्तीसगढ़ जिस तरह अंतरराज्यीय नशा तस्करी के एक प्रमुख कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल हो रहा है, उसे पुलिस ‘नार्को टेररिज्म’ की चुनौती के रूप में देख रही है। नक्सल उन्मूलन की तर्ज पर ही सूखे नशे के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए 2029 तक की समय-सीमा तय की गई है। आने वाले दिनों में यह विंग राज्यभर में व्यापक तलाशी और जब्ती अभियान शुरू करेगी।


