छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग (मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर) द्वारा 15 अक्टूबर 2026 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत प्रतिनियुक्ति या बाह्य सेवा में रहते हुए सेवा निवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के मामलों में पेंशन और उपदान की स्वीकृति की प्रक्रिया को लेकर निर्देश दिए गए हैं।


वर्तमान स्थिति में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, पीएमश्री विद्यालय, एससीईआरटी, शिक्षा महाविद्यालय, डाइट तथा विभिन्न निगम, मण्डल और आयोग में कार्यरत शासकीय सेवकों के सेवानिवृत्त होने पर, प्रतिनियुक्ति समाप्त कर पदस्थापना किए जाने के उपरांत विभागीय प्रक्रिया में विलंब होने के कारण पेंशन और उपदान के निराकरण में अत्यधिक देरी की स्थिति बन रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम-64-ए के प्रावधानों के अंतर्गत अब स्पष्ट व्यवस्था बनाई गई है।
नए निर्देशों के अनुसार, जिन स्वामी आत्मानंद और पीएमश्री विद्यालयों को महालेखाकार द्वारा डीडीओ कोड आबंटित है, वहीं से सेवानिवृत्ति पर पेंशन और उपदान की स्वीकृति की कार्रवाई की जाएगी, जबकि जिन्हें डीडीओ कोड आबंटित नहीं है, उनके मामले में यह कार्रवाई निकट के आहरण संवितरण अधिकार प्राप्त डीडीओ कोड वाले अन्य विद्यालय से की जाएगी। इसके अलावा, एससीईआरटी, शिक्षा महाविद्यालय और डाइट में प्रतिनियुक्ति पर रहने वाले सेवा निवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के पेंशन और उपदान संबंधी प्रकरणों की स्वीकृति भी संबंधित संस्था से ही की जाएगी।
वहीं, राज्य के विभिन्न मण्डल, बोर्ड, आयोग या अन्य विभागों में कार्यरत तथा राज्य से बाहर बाह्य सेवा में रहते हुए सेवा निवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के मामले में, शासन से प्रतिनियुक्ति समाप्त कर पदस्थापना किए गए संस्थान द्वारा पेंशन और उपदान की स्वीकृति की कार्रवाई की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव ने इन सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
अब वाइन शॉप, बार , ठेके या पब में पर बोतल लेने से पहले दिखाना होगा आधार या वोटर कार्ड?


