नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के विकास और आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने वाले कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने कृषि, स्वच्छ ऊर्जा, खेल और तेल-गैस क्षेत्र से जुड़ी चार बड़ी योजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। इन फैसलों का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय को संबल देना, देश में सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना, खेल प्रतिभाओं को निखारना और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक यानी आगामी पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस योजना के लिए 3,15,614 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। 24 फरवरी 2019 को शुरू हुई इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जो 2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। सरकार के अनुसार अब तक इस योजना के जरिए 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों तक पहुंचाई जा चुकी है। इस योजना के जारी रहने से कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, उत्पादकता में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
अक्षय और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 5,070 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान के साथ ‘प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना’ को मंजूरी दी है। इसके तहत देश भर के जलाशयों पर 5,000 मेगावाट क्षमता की फ्लोटिंग यानी पानी पर तैरती सौर ऊर्जा परियोजनाएं और कम से कम 10,000 MWh क्षमता की ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित की जाएगी। इन परियोजनाओं को 2026-27 से 2030-31 के बीच स्वीकृति दी जाएगी, जबकि वित्तीय सहायता 2032-33 तक जारी रहेगी। सफलतापूर्वक चालू होने वाली पात्र परियोजनाओं को प्रति मेगावाट 1 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिलेगी।
देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि हेतु 36,441 करोड़ रुपये के कुल प्रावधान के साथ संशोधित ‘खेलो इंडिया’ योजना को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय खेल महासंघों को दी जाने वाली सहायता प्रणाली को भी और मजबूत करने का फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य एथलीटों को बेहतर कोचिंग, आधुनिक बुनियादी ढांचा और खेल निकायों को अधिक सहयोग प्रदान करना है ताकि देश में खेलों का विकास तेज हो सके।
इसके अलावा मंत्रिमंडल ने 84,084 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ ‘समुद्र मंथन’ राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को भी मंजूरी दी है, जो वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की इस योजना का उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, घरेलू तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन बढ़ाना है। सरकार के अनुसार इस योजना से 600 मिलियन मीट्रिक टन ऑयल इक्विवेलेंट से अधिक नए तेल और गैस भंडार मिलने की संभावना है। इसके तहत गहरे समुद्र में खोजी ड्रिलिंग, सीस्मिक आंकड़ों का संग्रह और एकीकृत ऑयल एंड गैस मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापित किए जाएंगे, जिससे देश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी।

